UP पुलिस की सरकारी पिस्टल सहित, विकास दुबे का गुर्गा फरीदाबाद से गिरफ़्तार

News24NCR/Faridabad: कानुपर के बिकरू गांव में 8 पुलिस कर्मियों की हत्या करके पूरे देश में सनसनी फैलाने वाला हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे फरीदाबाद में 2-3 दिन छिपा रहा। विकास दुबे तो यहां से फरार हो गया है, लेकिन विकास दुबे का एक गुर्गा कार्तिकेय उर्फ प्रभात जरूरी यहां की पुलिस की स्पेशल टीम के हत्थे चढ़ गया है। उसे 8 जुलाई को अदालत में पेश किया जाएगा।

सूत्रों के अनुसार 7 जुलाई को उप्र और फरीदाबाद की पुलिस टीमों ने यहां के बड़खल मोड़ स्थित एक ओयो होटल पर छापा मारा था।

उप्र पुलिस की ओर से कुछ इनपुट मिलने के बाद उप्र और फरीदाबाद की सीआईए टीमों ने संयुक्त कार्रवाई की थी। पुलिस ने गेस्ट हाउस में गहन छानबीन की। टीमों ने होटल के सभी कमरों और छिप सकने वाली हर जगहों को खंगाला। गेस्ट हाउस की सीसीटीवी फुटेज पुलिस ने जरूर अपने कब्जे में ली है।

विकास दुबे के हुलिया वाला व्यक्ति

इस सीसीटीवी फुटेज में विकास दुबे की डील-डोल वाला एक व्यक्ति और एक एक गमछा लपेटे हुए एक व्यक्ति दिख रहा है। विकास दुबे की डील-डोल वाले व्यक्ति ने नीले रंग का मास्क लगाया हुआ है। विकास दुबे ने नीली टी शर्ट और हल्की नीली जींस पहनी हुई है।

उसकी तोंद और हेयरकट भी विकास दुबे से मेल खा रही है। विकास दुबे रिसेप्शन काउंटर पर कुछ फारमेलिटी पूरी करता दिखाई पड़ रहा है। उसके पीछे मुंह पर हाथ लगाए एक युवक खड़ा हुआ है, जो संभावित विकास दुबे का साथी लग रहा है। इस युवक ने हल्की गुलाबी रंग की टी शर्ट पहनी हुई है।

एक कॉलोनी में भी रुका विकास

पुलिस को सूचना मिली है कि विकास दुबे होटल से फरार होने से पहले नहर पार की न्यू इंदिरा कॉलोनी में भी अपने जानकारों के यहां रुका था। उसे इसलिए नहीं पहचाना जा सका, क्योंकि इन दिनों लोगों द्वारा कोरोना के कारण मास्क लगाना सामान्य बात हो गई है।

एक गिरफ्तार

पुलिस ने विकास दुबे के गुर्गे कार्तिकेय उर्फ प्रभात को गिरफ्तार कर लिया है। कार्तिकेय उर्फ प्रभात बिकरू गोलीकांड में विकास दुबे के साथ था।

प्रभात से 4 हथियार बरामद हुए हैं, जिनमें से 2 सरकारी पिस्टल यूपी पुलिस की हैं। फरीदाबाद पुलिस अब प्रभात को यहां की अदालत में पेश करेगी, जहां पुलिस प्रभात का रिमांड मांगेगी।

दो हिरासत में

पुलिस द्वारा यहां के दो अन्य लोगों को भी हिरासत में लिए जाने की सूचना है। हालांकि फरीदाबाद पुलिस इस संवेदनशील मामले में कुछ भी कहने से बच रही है।