Facebook, TikTok , Helo को सरकारी फ़रमान जारी, झूठी खबरों को हटायें।

News24NCR/Delhi: कोविड19 अर्थात कोरोना महामारी के चलते सरकार ने 21 दिनो का लॉकडाउन किया हुआ है जिस से सभी लोग घरों में रह रहे है और सोशल मीडिया का जमकर उपयोग कर रहे है, और कभी कभी झूठी और भ्रामक खबरों को सच मान लेते है। कोरोना एक ऐसी बीमारी जो लाइलाज है ऐसे संकट के बीच जब अफ़वाहें लोगों के दिमाग़ में घर करने लगें तो लोगों को जागरूक करना सरकार के लिए एक कड़ी चुनौती बन जाता है।

देश के प्रधानमंत्री मोदी भी लोगों से अनेकों अपील कर चुके है कि घरों में रहे सुरक्षित रहे, क्यूँकि देश इस समय ऐसी महामारी से गुजर रहा है जिसकी रोकथाम के सभी उपाय कमजोर पड़ते जा रहे है और रोगियों के आँकड़े बढ़ते जा रहे है। इसका एक कारण लोगों में जागरूकता कि कमीं भी है, और ऐसे में लोग जागरूक होने की जगह झूठे और भ्रामक संदेशों को सच मानने लगें तो सरकार के लिए परिस्थिति और भी कठिन हो जाती है।

भारत सरकार का मानना है कि फ़र्ज़ी और ग़लत मेसीज फैलने के कारण सरकार द्वारा चलाए जा रहे कोरोना अभियान को कमजोर बनाते है। सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफार्मस से ऐसे लोगों कि सूची बनाने को कहा है जो झूठी खबरों को फैला रहे है।

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी ने बताया कि टिकटोक फ़ेसबुक और हेलो जैसे कुछ सोशल मीडिया प्लेटफ़ार्म पर बड़ी संख्या में ग़लत जानकारी वाले ऑडीओ और वीडीयो संदेश डाले जा रहे है।

उन्होंने बताया कि ऐसे ग़लत और फ़र्ज़ी मेसेज के कारण लोगों में घबराहट और अन्य ऑनलाइन नुक़सानों का भी ख़तरा बढ़ रहा है भारत सरकार ने ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस एवं फ़ास्ट-चेकिंग आईटी फ़र्म VOYAGER INFOSEC कि रिपोर्ट आने के बाद ये निर्देश दिए हैं।

इंडियन साइबर क्राइम कोर्डिनेशन सेंटर को सौंपी गयी रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाँच दिनों में 30’000 से अधिक वीडीयो का विश्लेषण किया गया है।