हरियाणा बँटा 3 जोन में: 2 में शुरू होंगे उद्योग धंधे।


News24NCR/Haryana: प्रधानमंत्री मोदी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के बाद सीएम खट्टर ने प्रदेश के लोगों को संबोधित करते हुए साफ कहा कि अधिक दिनों तक औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों को बंद नहीं रखा जा सकता. इससे प्रदेश और देश की अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ेगा.

कोरोनाः तीन जोन में बंटा हरियाणा, दो में शुरू होंगे फैक्ट्री-बिजनेस

देश में लागू है लॉकडाउन (फाइल फोटोः PTI)

  • गुरुग्राम, नूंह, फरीदाबाद और पलवल रेड जोन घोषित
  • कोरोना के कम केस वाले जिले ऑरेंज, अन्य येलो जोन में

कोरोना वायरस की बीमारी तेजी से पांव पसारती जा रही है. इसकी चेन तोड़ने के लिए देश में लागू 21 दिन के लॉकडाउन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर ताजा स्थिति पर चर्चा की. इस दौरान कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने लॉकडाउन की अवधि को और बढ़ाने की मांग की. महाराष्ट्र, पंजाब, ओडिशा, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल सरकार ने लॉकडाउन बढ़ाने का ऐलान भी कर दिया है.

वहीं, अब हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी लॉकडाउन कम से कम दो सप्ताह के लिए बढ़ाने के संकेत दिए हैं. खट्टर सरकार ने प्रदेश को तीन जोन में बांट दिया है. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के समीप स्थित चार जिलों गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल और नूंह को सरकार ने ‘रेड जोन’ घोषित कर दिया है. ये चारों जिले कोरोना संक्रमित मरीजों के मामले में प्रदेश में शीर्ष पर हैं. इन्हें पहले ही हॉट स्पॉट घोषित कर दिया गया था.

जिन जिलों में कोरोना के केस कम हैं, ऐसे जिलों को ऑरेंज जोन में रखा गया है. उन जिलों को येलो जोन में रखा गया है, जहां कोरोना के पुष्ट मामलों की संख्या काफी कम है. इस जोन में मुख्य रूप से वे जिले शामिल होंगे, जिनमें विदेश से आने वालों और सर्विलांस पर रखे गए लोगों की संख्या भी काफी कम है. पीएम के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के बाद प्रदेश के लोगों को संबोधित करते हुए सीएम खट्टर ने यह भी साफ कहा कि अधिक दिनों तक औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों को बंद नहीं रखा जा सकता. इससे प्रदेश और देश की अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ेगा.

उन्होंने कहा कि चरणबद्ध तरीके से इन गतिविधियों को शुरू किया जाएगा. सीएम ने कहा कि गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल और नूंह जिला क्योंकि रेड जोन में हैं, ऐसे में इन जिलों में सख्ती जारी रहेगी और किसी तरह की छूट फिलहाल नहीं दी जाएगी. अन्य 18 जिलों में छोटे उद्योग और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए शर्त के साथ ढील दी जाएगी. उन्होंने कहा कि केवल उन्हीं औद्योगिक इकाइयों को काम करने की इजाजत मिलेगी, जिनमें कम श्रमिक काम करेंगे. सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रखना होगा.

कमेटी से लेना होगा सर्टिफिकेट

सीएम ने कहा कि संबंधित उद्योगपति, व्यापारी को खुद ही सोशल डिस्टेंसिंग की योजना बनानी होगी. सरकार सोशल डिस्टेंसिंग प्लानिंग को लेकर जिला, उपमंडल, ब्लॉक और गांव स्तर पर कमेटी का गठन करेगी. उन्होंने कहा कि संबंधित उद्योगपति या व्यापारी की योजना को कमेटी से मंजूरी मिलने के बाद ही कार्य शुरू करने की इजाजत दी जाएगी. कमेटी से बगैर सर्टिफिकेट मिले, किसी को भी काम करने की छूट नहीं दी जाएगी.

फैक्ट्री में ही रुकने और खाने का होगा प्रबंध

मुख्यमंत्री ने यह भी साफ किया कि जो भी उद्योगपति या व्यापारी अपनी गतिविधियां शुरू करेंगे, उन्हें मजदूरों के रुकने का प्रबंध फैक्ट्री में ही करना होगा. दोनों वक्त के खाने का प्रबंध भी संबंधित उद्योगपति ही करेगा. उन्होंने कहा कि काम करने वाले श्रमिकों के लिए मास्क लगाना अनिवार्य होगा. 

लॉकडाउन के दौरान ऐसी कंपनियों में कच्चे माल की आपूर्ति और तैयार माल की ढुलाई के लिए अनुमति दी जाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्धारित नियमों का पालन करने, धूल न उड़ने की शर्त पर बिल्डरों को भी निर्माण कार्य शुरू करने की अनुमति दी जाएगी