सोना चांदी ही क्या अब तो मिट्टी तक के बढ़ गए दाम, दिवाली पर दीये मिलेंगे महँगे

News24NCR/Faridabad: त्योहार मनाने के लिए सोना-चांदी की ही केवल कीमत में इजाफा नहीं हुआ है, बल्कि मिट्टी से बने उत्पादों के भी तेवर बढ़ गए हैं। हालांकि, कुम्हारों को चीन के सामान न बिकने से परंपरागत दीयों और मिट्टी के लक्ष्मी-गणेश बिकने की ज्यादा उम्मीद है। लोगों में स्वदेशी को लेकर भी जागरूकता आई है।

ओल्ड फरीदाबाद निवासी नरेंद्र का परिवार पीढ़ी-दर-पीढ़ी मिट्टी का सामान बनाने का काम करता आ रहा है। बकौल नरेंद्र, पिछले साल के मुकाबले इस बार मिट्टी के दाम बढ़ गए हैं, जिस कारण सामान तैयार करने से पहले सोचना पड़ रहा है। सामान नहीं बिकने पर नुकसान ही होता है। यह ऐसा सामान है जिसे बचाकर रखने का अगले साल कोई फायदा नहीं है। बताते हैं कि इसके अलावा टेराकोटा का सामान भी पिछली बार के मुकाबले थोड़ा महंगा है। नवरात्र में पूजा के लिए पानी भरकर रखा जाने वाला मिट्टी का बर्तन भी इस बार कम बिका है।
ऐसे में ज्यादा माल बनाने में कुम्हार संकोच कर रहे हैं।

दूसरी तरफ, उन्हें यह भी उम्मीद है कि इस बार चीन का बना हुआ सामान जैसे झालर, लड़ियां व रोशनी का सामान बाजार में नही आएगा। ऐसे में मिट्टी से बने सामान की मांग ज्यादा रहेगी। स्वदेशी के प्रति लोगों की बढ़ी जागरूकता के कारण भी ज्यादा बिक्री की आस है। उन्होंने बताया कि अभी बाजार के हिसाब से असमंजस की स्थिति है, लेकिन फिर भी माल तैयार किया जा रहा है। इसी प्रकार, दिवाली-धनतेरस पर लोग मिट्टी के ही लक्ष्मी-गणेश का पूजन करना पसंद करते हैं। कुछ लोग चांदी में भी लक्ष्मी-गणेश खरीदते हैं लेकिन मिट्टी शुद्ध मानी जाती है। ऐसे में मिट्टी महंगी है तो उत्पादों पर भी कीमत का असर पड़ेगा।


मांग के हिसाब से बनाया जाता है डिजाइन
बर्तनों को शीशे, गोटे व अन्य रंग-बिरंगे सामान से सजाया जाता है। दीया और करवाचौथ के करवे पर रंग भी किया जाता है। फिलहाल दीये थोक के भाव में 350 रुपये में एक हजार बिक रहे हैं। चार कोने वाला बड़ा दीया बिना रंग वाला दस रुपये का बिकता है, जबकि रंग किया हुआ बीस रुपये का बिकता है। पिछले साल इसकी तुलना में कम कीमत थी। वहीं, मूर्तियां और दीये बनाने के लिए 450 रुपये में पूरी बुग्गी आती थी, जो इस बार 600 रुपये देने पड़ रहे हैं। इससे साफ है कि मिट्टी के दाम बढ़े हैं तो लागत और मेहनत को देखते हुए सभी के दाम भी ज्यादा हो जाएंगे।