शहर छोड़ कर जा रहे लोग,सैकड़ों किलोमीटर चलने के लिए बच्चों के साथ पैदल ही निकले।

News24NCR/Faridabad: कोरोना कि महामारी के चलते शहर में दिहाड़ी मज़दूरी करने वाले लोगों का आश्रय ही छिन गया। जो लोग औद्योगिक नगरी में रोज़ी रोटी कमाने के इरादे से अन्य राज्यों से आए हुए थे, देश में लॉकडाउन होने कि स्तिथी में उनके ना सिर्फ़ काम धन्धे बंद हो गए साथ ही उनके आश्रय भी छिन गए क्यूँकि शहर छोड़ने वालों में अधिकतर लोग लेबर तमग़े के थे।

उनका कहना था कि हम लोग जहाँ पर भी कंस्ट्रक्शन का काम शुरू होता था वहीं पर रहने लग जाते थे परंतु महामारी के चलते सभी जगह पर काम बंद हो गया है और बाहरी लोगों को आजकल कोई भी अपना किरायेदार नहीं रख रहा है, साथ ही फ़रीदाबाद और दिल्ली में कोरोना के नए नए मामले सामने आ जाने से उनके मन में डर का माहौल बना हुआ है। इसलिए वो लोग शहर को छोड़कर अपने अपने गाँव में वापिस जा रहे है।

देश में लॉकडाउन होने के कारण कहीं भी कोई साधन नहीं मिल पा रहा है इस वजह से लोग पैदल ही अपने गंतव्य को निकल पड़े। रास्ते में जो भी कोई वाहन उनको नज़र आता उस से मदद की उम्मीद में लोग हाथ देते नज़र आ रहे थे परंतु कोरोना के डर कि वजह से कोई भी व्यक्ति उनकी मदद नहीं कर पा रहा था। शहर छोड़ कर जाने वाले लोग राजस्थान, झाँसी व उत्तर प्रदेश के अधिक थे, अब सोचने वाली बात ये है कि इतनी लम्बी लम्बी दूरियाँ वो लोग महिलाओं और बच्चों के साथ पैदल कैसे तय करेंगे।