शराब के आगे सरकार मजबूर, बाज़ार रहेंगे बंद लेकिन खुलेंगे ठेके

News24NCR/Faridabad: राज्य भर में बाजार बंद और शराब की दुकानों को खोलने पर व्यापारी वर्ग में खासी नाराजगी है। सरकार ने 22 अगस्त से कोरोना बीमारी को देखते हुए प्रदेश भर में शनिवार व रविवार को सभी बाजार, शपिंग मॉल तथा आफिस बंद करने की घोषणा की है। लेकिन इस घोषणा में सरकार ने शराब के ठेकेदारों पर पूरी मेहरबानी बनाए रखी है। इसके साथ साथ उद्योगों को भी इससे बाहर रखा गया है। यानि कि सभी बाजार व आफिस बंद, मगर शराब के ठेके व उद्योग खुले रहेंगे। लोगों का सरकार के इस दोगले रवैये पर खासा गुस्सा है। लोगों का कहना है कि कोरोना के केस क्या केवल बाजारों की वजह से आ रहे हैं। सरकार कैसे साबित करेगी कि शराब की दुकान व उद्योगों से कोरोना के केस नहीं आते। 

बर्बादी की कगार पर आ खड़े हुए हैं व्यापारी-

वहीं पूरे प्रदेश में सरकार के दो दिनों के बंद पर गहरी नाराजगी है। खासतौर पर व्यापारी वर्ग का कहना है कि उनकी कमर टूट गई है। वह बर्बादी की कगार पर आ खड़े हुए हैं। लगातार चार महीनों से उनके रोजगार ठप्प हैं,मगर खर्चे रफ्तार से चल रहे हैं। दुकानों पर काम करने वाले श्रमिकों का वह अपने घर से बैठकर कब तक वेतन देंगे। बिजली के बिल, बच्चों की स्कूल फीस और बाकि खर्चों की पूर्ति वह लोग कैसे करेंगे। व्यापारी वर्ग ने कहा कि सरकार को एक समान नीति पर काम करना चाहिए। बाजार बंद और शराब के ठेके खुले, यह कैसी नीति है। इससे तो सरकार को दोहरा चरित्र उजागर हो रहा है। 

हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी शैलजा ने भी सरकार के इस दोहरे आदेश पर सवालिया निशान लगाए। कुमारी शैलजा ने कहा कि  प्रदेश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए हरियाणा सरकार द्वारा शनिवार और रविवार को दुकानों व कार्यालयों को बंद रखने के फैसले के बीच शराब के ठेकों के खुले रहने को लेकर हैरानी जताई है। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार व्यापारियों और दुकानदारों का रोजगार चौपट करवा कर रही है, वहीं दूसरी ओर शराब के ठेके खोलने की अनुमति देना इस सरकार के दोहरे चरित्र को उजागर करता है। हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने कहा कि हरियाणा सरकार कोरोना संक्रमण पर काबू पाने में पूरी तरह से नाकाम रही है।

इतना समय बीतने के बाद जब कोरोना प्रदेश में अपने पांव पसार चुका है, अब सरकार को दोबारा शनिवार और रविवार को प्रदेश में दुकानों व कार्यालयों को बंद रखने का फैसला लेना पड़ रहा है। सरकार द्वारा दुकानें और कार्यालय बंद रखने के फैसले के बीच प्रदेश में शराब के ठेके खुले रहना हैरान करने वाला है।