बल्लभगढ बना अवैध निर्माणों का गढ, अधिकारियों की नाक के नीचे हो रहे अवैध निर्माण

News24NCR/Faridabad: बल्लभगढ में इन दिनों निगम की नाक के नीचे अवैध निर्माण धड़लल्ले से हो रहे हैं। कुछ निर्माण तो ऐसे हैं जो नगर निगम कार्यालय से मात्र कुछ मिनटों की दूरी पर ही चल रहे हैं। ज्यादातर में बेसमेंट भी बनाया जा रहा है। इन निर्माणों को बनाने के लिए नक्शा पास नही कराया गया इसलिए ये अवैध निर्माण की श्रेणी में आती हैं। नियमों के मुताबिक तोड़फोड़ विभाग को शहर के अवैध निर्माणों की जांच करते हुए उन्हें तोड़ना होता है। बिना नक्शा पास कराए इमारत बनाने से निगम को राजस्व का नुकसान होता है। तोड़फोड़ विभाग के अधिकरियों का इस बारे में बयान काफी हास्यास्पद है। उनका कहना है कि नक्शे ऑनलाइन बनते हैं इसलिए उन्हें अवैध निर्माणों का पता ही नही चलता।

शहर में लॉकडाउन के दौरान किये गए कुछ निर्माणों पर पुलिस ने मामले दर्ज किए थे। इन दर्ज केसों में ज्यादातर ऐसे मामले थे जो छोटे मकानों में रिपेयरिंग या पुराने मकानों की मरम्मत आदि हो रही थी। ये मामले इसलिए दर्ज हो गए क्योंकि जिला उपायुक्त के आदेशों की अवहेलना पर कार्यवाई पुलिस विभाग को करनी थी। नगर निगम विभाग जिसमे एक विभाग केवल इसीलिए बनाया गया है कि वह शहर में हो रहे अवैध निर्माणों को रोके वह विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठा हुआ है। शहर के मलेरना रोड पर गुप्ता होटल के पास, सेक्टर तीन पेट्रोल पंप के पास बेसमेंट सहित , अहीर हवेली के निकट कमर्शियल निर्माण, सुभाष कालोनी में करीब 800 गज में बहुमंजिला रिहायशी इमारत सहित अनेकों जगह पर बिना नक्शा पास कराए निर्माण किया जा रहा है। नगर निगम के तोड़फोड़ विभाग के अधिकारी इस तरफ आंख मूंद कर बैठे हैं।

क्यों नही कराते लोग नक्शा पास।
नियमों के मुताबिक कोई भी इमारत बनाने के लिए नगर निगम से नक्शा पास कराना होता है। निगम में इसके लिए फीस देनी होती है। इसके बाद आवेदनकर्ता अपनी जमीन के कागजात के साथ आर्किटेक्ट से नक्शा बनवाकर निगम के प्लानिंग विभाग की साइट पर आवेदन करता है। यह प्रक्रिया इतनी धीमी है कि इसमें कई बार चार आए पांच महीने का समय लग जाता है। दूसरा इसमे पैसा भी काफी खर्च होता है।

नियमों के तहत बनाने में भवन के आगे निकलने वाला छज्जा, पिलर का आकार, बेसमेंट की खुदाई की गहराई व यदि आसपास कोई निर्माण पहले से है तो पड़ोसी से एनओसी लेनी होगी। इमारत यदि कमर्शियल है तो फायर डिपार्टमेंट से भी एनओसी लेनी होगी। इन सबके बाद ही निगम नक्शा पास करता है। इसलिए भवन निर्माता नक्शा पास नही कराते हैं। भवन बनाते समय निर्माणाधीन भवन के सामने नक्शा भी चस्पा करना अनिवार्य होता है। बिना नक्शा पास कराए निर्माणकर्ता एक ईंट भी नही लगा सकता। तोड़फोड़ विभाग के अधिकारी किसी भी निर्माणाधीन इमारत का नक्शा जांच सकते हैं। नक्शा ना होने की सूरत में इमारत को अवैध मानते हुए उसे गिराना होता है।

क्या कहते हैं अधिकारी।
नगर निगम बल्लभगढ़ जोन में तोड़फोड़ विभाग के उपमण्डल अधिकारी विनोद का कहना है कि नक्शे आजकल ऑनलाइन आवेदन किये जाते हैं। नक्शा पास करने के लिए फ़ाइल कई विभागों में जाती है इसलिए उन्हें पता ही नही लग पाता कि किस इमारत का नक्शा पास है और किसका नही। दूसरा उनके पास केवल एक कनिष्ठ अभियंता है वह शहर में कहां कहां जाकर जांच करेगा। विभाग में कर्मचारी कम होने के कारण भी दिक्कत आ रही है।