बड़ी खबर: फरीदाबाद के खोरी गाँव में तोड़ी गयी मस्जिद पर पाकिस्तान ने दी प्रतिक्रिया, पढ़े पूरी खबर

News24ncr/Faridabad/SandeepGathwal: पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने हरियाणा में एक मस्जिद तोड़े जाने को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है. 

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता आसिम इफ़्तिखार अहमद ने मंगलवार को अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर लिखा, “पाकिस्तान हरियाणा में भारतीय प्रशासन की ओर से बिलाल मस्जिद के अन्यायपूर्ण तरीक़े से तोड़े जाने की कड़ी निंदा करता है.”

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस ट्वीट में आरोप लगाया है कि “बीजेपी-आरएसएस के राज में न्यायपालिका की स्थिति कमज़ोर हुई है. “

ट्वीट में अंतरराष्ट्रीय समुदाय से गुज़ारिश की गई है कि अल्पसंख्यकों ख़ासकर ‘मुसलमानों के मानवाधिकार उल्लंघन को लेकर भारत को जवाबदेह ठहराया जाए.’

पाकिस्तान की ओर से लगाए गए आरोप पर अभी भारत के विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया नहीं आई है. लेकिन पाकिस्तान में अहमद के ट्वीट को लेकर कई लोगों ने टिप्पणी की है. 

आइए जानते हैं कि हरियाणा के फ़रीदाबाद में मस्जिद तोड़े जाने का पूरा मामला क्या है.

क्या है पूरा मामला

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने फरीदाबाद की जिस मस्जिद को तोड़े जाने को लेकर भारत सरकार पर निशाना साधा है वह दरअसल अरावली में अवैध रूप से बसे खोड़ी गाँव में तोड़ी गई थी.

इस मस्जिद का नाम ‘बिलाल मस्जिद’ है जिसे 17 अगस्त को फ़रीदाबाद नगर निगम ने तोड़ दिया था.

फ़रीदाबाद नगर निगम के कमिश्नर यशपाल यादव ने बीबीसी से कहा कि ये कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हुई है और सभी धर्मों के धर्म स्थलों को तोड़ा गया है.

उन्होंने कहा, “कार्रवाई से पहले खोड़ी गाँव के लोगों को नोटिस भेजा गया था.”

स्थानीय लोगों ने क्या कहा?

मस्जिद

वहीं एक स्थानीय निवासी सिराज अहमद के मुताबिक़ मस्जिद तोड़ने की ये घटना 17 अगस्त की है.

सिराज के मुताबिक़ प्रशासन ने उनके मकान को भी तोड़ा है और वो अब किराए के मकान में रह रहे हैं.

वहीं अमर उजाला के स्थानीय पत्रकार कैलाश गठवाल के मुताबिक़ प्रशासन ने इस क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक मंदिर और 6 मस्जिदें तोड़ी हैं.

उनके मुताबिक़ यहाँ चर्च और गुरुद्वारे को भी तोड़ा गया है.

कैलाश कहते हैं, ‘इस तोड़फोड़ को किसी धर्म से जोड़कर देखना ग़लत होगा क्योंकि यहाँ सिर्फ़ मस्जिद ही नहीं बल्कि मंदिर, गिरजाघर और गुरुद्वारे को भी तोड़ा गया है. यहाँ एक दर्जन से अधिक मंदिर थे, एक बड़ा गिरजाघर भी था और पाँच मस्जिदें थीं. जब तोड़फोड़ की ये कार्रवाई हुई तब किसी तरह का उपद्रव या विरोध भी नहीं हुआ. इस कार्रवाई को धर्म से जोड़कर देखना ग़लत है.’

मस्जिद

खोड़ी गांव में क्या कार्रवाई हुई है?

फ़रीदाबाद नगर निगम के मुताबिक़ यहाँ सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर साढ़े छह हज़ार घरों को तोड़ा गया है. ये घर अरावली की पहाड़ियों पर अवैध तरीक़े से बनाए गए थे.

फरीदाबाद नगर निगम की तोड़फोड़ की कार्रवाई 32 दिनों तक चली है. इस कार्रवाई में सुरक्षा के लिए 3500 पुलिसकर्मियों को लगाया गया था.

नगर निगम के मुताबिक़ अब तक 150 एकड़ ज़मीन ख़ाली कराई जा चुकी है.

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर इस साल अप्रैल में खोड़ी गाँव से अवैध निर्माणों को हटाने की कार्रवाई शुरू हुई थी.

सात जून को सुप्रीम कोर्ट ने कार्रवाई पूरी करने के लिए छह सप्ताह का समय दिया था, जिसके बाद 23 जुलाई को एक महीने का अतिरिक्त समय दिया था.

फ़रीदाबाद नगर निगम ने 23 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में पेश हलफ़नामे में कहा है कि खोड़ी गाँव से अवैध निर्माण पूरी तरह हटा दिया गया है और बिना किसी पक्षपात के कार्रवाई की गई है.

हरियाणा सरकार खोड़ी गाँव से हटाए गए लोगों के पुनर्वास पर काम कर रही है. इस मामले में अगली सुनवाई अब 6 सितंबर को होगी.

खबर सोर्स: बीबीसी न्यूज