फरीदाबाद शहर के प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण बन रही धूल, देखें अन्य कारण

News24NCR/Faridabad: प्रदूषण रोकने के लिए गुरुवार से शुरू हुआ ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान पहले दिन जमीन पर कहीं नजर नहीं आया। नगर निगम प्रशासन ने जो 40 टीमें बनाई हैं, वे कहां थी और क्या किया, किसी को कुछ पता नहीं। इस टीम ने एक भी चालान नहीं काटे। निर्माण सामाग्री को खुले में नहीं रखने का आदेश है, इसके अलावा कंस्ट्रक्शन साइट पर पानी का छिड़काव व निर्माण सामाग्री को ढक कर रखने के भी आदेश हैं लेकिन कहीं इन पर अमल होते नहीं दिखा। वहीं, गुरुवार को एयर क्वॉलिटी इंडेक्स 337 जा पहुंचा। आने वाले समय में प्रदूषण का स्तर और भी ज्यादा बढ़ने का अंदेशा है। पत्रकारों ने शहर के कई हिस्सों में जाकर देखा कि कंस्ट्रक्शन वेस्ट कहां पड़ा है और निर्माण सामग्री को लेकर एनजीटी के नियमों का पालन हो रहा है या नहीं।

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बाईपास पर दिखा सबसे ज्यादा कंस्ट्रक्शन वेस्ट
शहर में अलग-अलग जगहों पर लगे मॉनिटरिंग स्टेशन में एक्यूआई का ग्राफ 300 के पार है, फिर भी स्थानीय प्रशासन बढ़ रहे वायु प्रदूषण को कंट्रोल नहीं कर पा रहा है। सबसे ज्यादा प्रदूषण वेस्ट मैटेरियल और धूल से होता है। इस वक्त शहर के अलग अलग हिस्सों में सबसे ज्यादा कंस्ट्रक्शन वेस्ट बिखरा पड़ा है। बाईपास रोड पर सेक्टर 37 के सामने, सेक्टर 16-17 के सामने काफी मात्रा में कंस्ट्रक्शन वेस्ट बिखरा हुआ है। इस वेस्ट को उठाने की जिम्मेवारी नगर निगम प्रशासन की है लेकिन निगम की टीम गुरुवार को कहीं पर भी नजर नहीं आई। इसी तरह एनआईटी पांच नंबर, सेक्टर 22-23 रोड किनारे, बड़खल विधानसभा क्षेत्र के अंदर प्रमुख सड़कों के किनारे कंस्ट्रक्शन वेस्ट दिखाई दिया।

निर्माण सामग्री भी खुले में
नगर निगम कमिश्नर ने जिन 40 टीमों की ड्यूटी प्रदूषण को रोकने के लिए लगाई है उसका एक काम ये भी है कि वह निर्माण सामग्री और साइट दोनो पर नजर रखे। क्योंकि एनजीटी के नियमों को देखा जाए तो साफ तौर पर आदेश है कि निर्माण सामग्री खुले में न रखी हो। वहीं निर्माण साइट पर भी हर एक घंटे बाद पानी का छिड़काव होना चाहिए ताकि सामग्री हवा में न उड़े। शहर की कंस्ट्रक्शन साइटों पर ऐसा कहीं नहीं दिखाई दिया। एनआईटी में बन रहे बस अड्ढे व क्रिकेट स्टेडियम के बाहर भी पानी का छिड़काव नहीं दिखा। कंस्ट्रक्शन साइट के अंदर भारी ट्रक धूल उड़ाते नजर आए। इसी तरह से एनआईटी पांच नंबर के अंदर काफी मात्रा में निर्माण कार्य चल रहा है। लोग कमर्शल साइट बना रहे हैं जहां पर निर्माण सामग्री खुले में पड़ी हुई है। इनको लेकर टीम को चालान काटना चाहिए लेकिन 40 टीमों ने कोई कार्रवाई नहीं की।

कंस्ट्रक्शन वेस्ट प्लांट भी नहीं बना
एनजीटी ने 2018 में आदेश दिए थे कि नगर निगम शहर से निकलने वाले कंस्ट्रक्शन वेस्ट के निस्तारण के लिए प्लांट का निर्माण करे। इसको लेकर फरीदाबाद नगर निगम दो साल से टेंडर प्रक्रिया ही कर रहा है लेकिन अभी तक कंस्ट्रक्शन वेस्ट प्लांट का निर्माण नहीं हो सका है। जिस कारण शहर में हो रहे भवन निर्माण का वेस्ट लोग खुले में ही डाल देते हैं।

क्या कहते हैं अधिकारी?
नगर निगम के कमिश्नर डॉ यश गर्ग ने कहा कि निगम की 40 टीम अपना काम कर रही हैं। एक वॉट्सएप नंबर भी जारी किया जाएगा ताकि लोग धूल, कंस्ट्रक्शन वेस्ट, कूड़े में आग लगने की घटना के बारे में निगम को बता सकें। ये नंबर भी 10 दिन के अंदर जारी कर दिया जाएगा। रही बात कंस्ट्रक्शन वेस्ट की तो निगम कंस्ट्रक्शन वेस्ट उठाने का काम शुरू करने वाला है। इसके अलावा प्लांट भी तैयार करने के लिए जगह फाइनल कर ली गई है टेंडर की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। ये काम भी 20 दिन के अंदर पूरा कर लिया जाएगा।