फरीदाबाद में बिक रही गुडगाँव से महंगी शराब, मुख्यमंत्री के दरबार में पहुँचा मामला

News24NCR/Faridabad: फरीदाबाद में शराब के कारोबार में फिर से सरकार को तगड़ा चूना लगा है। शराब के छोटे दुकानदारों यानी एल-2 शॉप के मालिकों ने इस खेल में सरकार को कम से कम 100 करोड़ रुपये के राजस्व के नुकसान का लेखा जोखा दिया है। यह नुकसान एल-1 के रेट को लेकर हुआ है। सरकार ने शराब के सरकारी रेट निर्धारित किए हुए हैं लेकिन फरीदाबाद और गुड़गांव दोनों जिलों के रेट में काफी अंतर पर शराब बेची गई है। शराब ठेका मालिकों ने इसकी शिकायत एनआईटी विधानसभा क्षेत्र के विधायक नीरज शर्मा को दी। जिसके बाद इस मामले को मुख्यमंत्री तक पहुंचाया गया। अब मुख्यमंत्री ने इस मामले में जांच के आदेश देकर एक हफ्ते में रिपोर्ट पेश देने को कहा है ताकि पता चल सके कि फरीदाबाद में महंगी और गुड़गांव में सस्ती शराब कैसे बेची जा रही है।

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एल-1 डीलर से शराब लेते हैं एल-2 ओनर
बता दें कि जिले में शराब डीलर एल-1 और एल-2 होते हैं। एल-1 वह होते हैं जहां थोक में शराब के अलग-अलग ब्रांड की शराब आती है। वहीं, छोटे दुकानदार यानी एल-2 इन एल-1 डीलरों से शराब खरीद कर ले जाते हैं। यानी कि एक तरह से एल-1 गोदाम होता है, जहां से छोटी-छोटी दुकानों पर शराब जाती है। फरीदाबाद में इस वक्त 5 एल-1 गोदाम हैं, जहां से छोटे शराब के दुकानदार शराब खरीदते हैं। इसी तरह से गुड़गांव में भी एल-1 बने हुए हैं। सरकार ने एक उचित रेट निर्धारित किया है कि शराब की कीमत इतनी होनी चाहिए और उसे उसी कीमत पर बेचना है। बावजूद इसके फरीदाबाद में शराब 200 से लेकर 400 रुपये महंगी बेची गई है। इसको लेकर शराब दुकानदारों ने विधायक नीरज शर्मा को शिकायत दी थी। जिसके बाद नीरज शर्मा ने इसे सीएम मनोहर लाल तक पहुंचाया। सीएम ने इस मामले में जांच के आदेश जारी दिए हैं।

सरकार के राजस्व को करोड़ों का नुकसान
विधायक नीरज शर्मा ने बताया कि प्रदेश के 2 जिलों में शराब के रेट अलग-अलग नहीं हो सकते। फरीदाबाद में ज्यादा कीमत और गुड़गांव में कम कीमत पर शराब बेची गई। ऐसा संभव नहीं है। इससे तो सरकार के राजस्व को लगभग 100 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच के लिए डिप्टी एक्साइज एंड टेक्सेसन कमिश्नर वेस्ट को नियुक्त किया गया है। इसकी रिपोर्ट 1 हफ्ते में देनी है। इस मामले को लेकर जब डिप्टी एक्साइज एंड टेक्सेसन कमिश्नर वेस्ट वंदना चौधरी से बात करने के लिए फोन मिलाया गया तो उन्होंने जैसे ही सुना कि पत्रकारो का फोन है तो तुरंत फोन काट दिया। उसके बाद फिर से फोन लगाया तो उनकी फोन स्विच ऑफ हो गया।