फरीदाबाद में बारिश ने मौसम किया सुहावना, लोगों को मिली गर्मी से राहत।

News24NCR/Faridabad: दिल्ली व आसपास के इलाकों में  मानसून से पहले आई बारिश से लोगों को खासी राहत महसूस हुई। भीषण गर्मी से राहत मिलते ही अब लोगों को मानसून की बारिश का इंतजार है। बता दें कि इस बार मानसून की बारिश 25 जून से शुरू होने की संभावना है, जोकि मानसून की तिथि से दो दिन पहले है। बुधवार को बारिश की फुहारों के बीच लोगों के चेहरों पर खुशी दिखाई दी। बुधवार सुबह से ही बादल घने व पानी से भरे दिखाई देने लगे हैं और दोपहर होते होते बारिश आने से लोगों को तपती गर्मी से छुटकारा मिलने की उम्मीद दिख्शाई देने लगी है।

भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों के लिए यह अच्छी और बड़ी खबर साबित हो सकती है। उत्तर प्रदेश व उतराखंड से होते हुए मानसून के बादल दो दिन बाद यानि कि 25 जून को दिल्ली व हरियाणा को भीषण गर्मी से राहत दिलवा सकते हैं। भारतीय मौसम विभाग ने इसकी घोषणा की है। विभाग के अनुसार वैसे तो मानसून के आने की तिथि 27 जून है, मगर यह दो दिन पहले यानि कि 25 जून को ही दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ व हिमाचल प्रदेश में दस्तक देने के लिए तैयार है। उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश से होते हुए मानसून  की बारिश 25 जून को उपरोक्त चार राज्यों को सरोबार कर सकती है।

मौसम विभाग की इस घोषणा के बाद दिल्ली, एनसीआर, हरियाणा, चंडीगढ़ व हिमाचल प्रदेश में जमकर बारिश होने की संभावना है। दिल्ली, हरियाणा व एनसीआर में भीषण गर्मी ने लोगों का जीवन मुश्किल कर दिया है। गर्मी की वजह से लोग त्राहि-त्राहि कर उठे हैं। हर रोज बादल बनते हैं, मगर बारिश नहीं हो पा रही है। यदि होती भी है तो बूंदाबांदी के साथ गर्मी की भीषणता को और अधिक बढ़ा देती है। लेकिन मौसम विभाग ने अलर्ट जारी कर बारिश होने की घोषणा व तिथि दोनों जारी कर दी हैं। मौसम विभाग के अनुसार इस पूरे सप्ताह बादल छाए रहने व बारिश होने का अनुमान है। 24 व 25 जून के लिए बारिश का औरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार इसी दिन मानसून की बारिश राजधानी व एनसीआर में दस्तक दे देगी।

यदि विभाग की मानें तो इस बार दिल्ली, हरियाणा व राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आने वाले शहरों में बढिय़ा बारिश होने की पूर्ण संभावना है। यह भी कहा जा रहा हैकि बारिश से हवा में नमी की मात्रा बेशक बढ़ी रहे, लेकिन तापमान में गिरावट 40 डिग्री सेल्यिस के नीचे ही रहने का अनुमान है। मानसून की बारिश आते ही तामपान में और अधिक गिरावट दर्ज की जाएगी। स्काईमेट वेदर के मुख्य विज्ञानी महेश पलावत का कहना है कि मध्य पाकिस्तान में चक्रवाती हवा का एक क्षेत्र बना हुआ है। एक अन्य चक्रवाती सिस्टम दक्षिणी पूर्वी उत्तर प्रदेश पर भी है। इन दोनों सिस्टम को एक टर्फ रेखा जोड़ रही है जो पूर्वोत्तर  भारत तक जा रही है। इसी के असर से दिल्ली व आसपास के शहरों में यह असर देखने को मिल रहा है। आगामी कुछ दिनों के अंदर दिल्ली व हरियाणा में जमकर बारिश होने का पूर्ण अनुमान है।