फरीदाबाद में बनेगा प्रदेश का पहला प्लाज़्मा बैंक, ईएसआइसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में किया जाएगा निर्माण

News24NCR/Faridabad: ईएसआइसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में प्रदेश के पहले प्लाज्मा बैंक का
निर्माण किया जाएगा। यह बैंक 15 दिनों में सुचारू रूप से चालू करने का भी अस्पताल प्रबंधन ने दावा किया है। इस बैंक के बनने के बाद कोरोना के गंभीर मरीजों को प्लाज्मा के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। इसके लिए आइसीएमआर ने ईएसआइसी मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को मंजूरी भी दे दी है।
प्लाज्मा बैंक को शुरू करने से पूर्व कॉलेज प्रबंधन द्वारा एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर) तैयार की जा रही है। प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आलोक निगम ने भी अपनी सहमति दी है।

प्लाज्मा थेरेपी के बारे में कोरोना संक्रमण से ठीक हो चुके मरीजों के शरीर में वायरस के खिलाफ एंटी
बॉडी बन जाती है। एंटी बॉडी व्यक्ति के शरीर में रक्त में प्लाज्मा के रूप में मौजूद होती है। कोरोना से ठीक होने वाले व्यक्ति का प्लाज्मा संक्रमित को चढ़ाया जाए, तो संक्रमित व्यक्ति में भी एंटी बॉडी बनने लगती है। कोरोना वैक्सीन के बनने तक प्लाज्मा थेरेपी के जरिए ही कोरोना संक्रमित के जीवन को बचाना संभव है। प्लाज्मा बैंक को विकसित करने के लिए एडवांस तकनीक की मशीनरी उपलब्ध है। इसमें प्लाज्मा को कई दिनों तक सुरक्षित रखा जा सकेगा। बता दें कि आइसीएमआर ने प्रदेश में ईएसआइसी मेडिकल कॉलेज एवं मेदांता अस्पताल गुरुग्राम को प्लाज्मा थेरेपी से इलाज
की अनुमति दी है।

अन्य जिलों के मरीजों को भी मिलेगा ईएसआइसी मेडिकल कॉलेज में प्लाज्मा बैंक बनने के बाद प्रदेश के अन्य जिलों के लोग काे भी इसका लाभ मिलेगा। अन्य जिले के लोग यहां से प्लाज्मा उपलब्ध होने पर प्राप्त कर सकेंगे। इसके अलावा निजी अस्पताल प्रबंधन भी ईएसआइसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल से प्लाज्मा प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें सरकार निर्धारित शुल्क देना होगा। ईएसआइसी प्रबंधन द्वारा यह
सुनिश्चित करने की भी कोशिश रहेगी कि निजी अस्पताल प्रबंधन ने मरीज से सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य ही वसूल सकें।

सामाजिक संस्थाओं की ली जाएगी मदद कोरोना के संक्रमण को मात देने वाले लोग में प्लाज्मा देने में संकोच कर रहे हैं। इसे लेकर उनके मन में कई दुविधाएं है। इन दुविधाओं एवं संकोच समाप्त करने के लिए ईएसआइसी रेडक्रॉस सोसायटी एवं अन्य सामाजिक संस्थाओं की मदद लेगी। यह कोरोना के संक्रमण से ठीक हो चुके लोगों की काउंसलिंग करके प्लाज्मा का दान के लिए प्राेत्साहित करेंगे।

हमारी कोशिश है कि कोरोना के मरीजों के इलाज में प्लाज्मा बाधा नहीं बने। इसके लिए प्लाज्मा बैंक बनाने का निर्णय लिया है। इसे लेकर सोमवार को जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक भी हुई है। फिलहाल बैंक की एसओपी तैयार की जा रही है। हमारी कोशिश है कि 15 दिनों में प्लाज्मा बैंक शुरू कर दिया जाए।
डॉ.असीम दास, डीन, ईएसआइसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल