फरीदाबाद में दुर्गा पूजा होगी विशेष, लोगों को प्लाजमा डोनेट करने के लिए करेंगे जागरुक

News24NCR/Faridabad: फरीदाबाद में इस बार दुर्गा पूजा के पंडाल से श्रद्धालुओं को प्लाज्मा डोनेशन के लिए जागरूक किया जाएगा। कोविड-19 जंग के बीच महामारी पर लगाम लगाने के लिए पूजा समितियों ने ये योजना बनाई है। 21 अक्तूबर से कोविड के बीच मां दुर्गा की उपासना शुरू की जाएगी। लेकिन इस बार सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए सख्त नियम कायदों के साथ पूजा के पंडाल सजेंगे। कार्यक्रमों का आयोजन भी सीमित संसाधनों में ही किया जाएगा। वहीं भीडभाड़ और तमाम औपचारिकताओं से दूर बेहद सादगी के साथ मां की उपासना की जाएगी।

कालीबाड़ी संस्था चलाएगी जागरूकता अभियान

फरीदाबाद कालीबाड़ी सेक्टर 16 ने प्लाज्मा डोनेशन को लेकर जागरूकता फैलाने की योजना तैयार की है। इसके तहत समिति की ओर से जिला प्रशासन और रेडक्रास सोसाइटी के साथ मिलकर श्रद्धालुओं को कोविड को मात दे चुके लोगों को कोरोना के मरीजों के उपचार के लिए प्लाज्मा दान करने का संदेश दिया जाएगा। जिससे लोगों का जीवन बचाया जा सके। जिला रेडक्रास सोसाइटी के सचिव विकास कुमार व कोऑर्डिनेटर विमल खंडेलवाल ने प्लाजमा डोनेशन को लेकर जागरूकता बैनर का अनावरण भी कर दिया है।

पंडाल में पंफलेट देकर करेंगे जागरूक

संस्था के महासचिव स्वपन कुमार बोस और अभिजीत गांगुली ने बताया कि संस्था की ओर से दुर्गा पूजा में इस बार थीम भी प्लाज्मा जागरूकता अभियान पर रहेगी। पंडाल में पूजन के लिए आने वाले हर एक व्यक्ति को पंफलेट देकर कोविड से बचाव, प्लाज्मा से इलाज, दूसरों को जागरूक करने जैसी जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पूजन के लिए हालांकि इस बार भव्य पंडाल नहीं सजेगा। लेकिन माता की मूर्ति स्थापित की जाएगी। सीमित संख्या में पास देकर श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए भेजा जाएगा। लेकिन आने वाले हर श्रद्धालु को जागरूक किया जा सके यही मकसद है।

कोविड को लेकर कड़े नियम होंगे लागू

अचिंत कुमार पंडित ने बताया कि 21 से 26 अक्तूबर तक मां दुर्गा का पूजन होगा। इस बार कोविड के चलते पूजन के दौरान कड़े नियम लागू होंगे। श्रद्धालुओं को एक हफ्ते पहले से ई-पास दिए जाएंगे। दर्शन के लिए सेनेटाइज के बाद ही प्रवेश मिलेगा। इसके आलावा श्रद्धालुओं को माता को प्रसाद, कपड़ा, श्रंगार आदि का सामान चढ़ाने की इजाजत नहीं होगी। श्रद्धालु चाहें तो समिति को ये सामान एक हफ्ते पहले देकर जा सकते हैं। जिससे कि इन्हें सेनेटाइज करके इस्तेमाल किया जा सके। बगैर मास्क किसी को भी प्रवेश नहीं मिलेगा। वहीं एक समय में ज्यादा लोगों को दर्शन करने की इजाजत नहीं मिलेगी।