फरीदाबाद में कोरोना के साथ-साथ अब डेंगू व मलेरिया की दस्तक, लोगों में डर का माहौल

Ne2s24NCR/Faridabad: कोरोना महामारी के बीच डेंगू और मलेरिया ने भी दबे पांव दस्तक दे दी है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस समय डेंगू के 05 और मलेरिया के 09 एक्टिव केस हैं। जबकि सूत्रों के अनुसार शहर के प्राइवेट अस्पतालों में डेंगू के करीब एक दर्जन से अधिक और मलेरिया के 20 से अधिक से ज्यादा मरीज हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार शहर में 200 से ज्यादा खाली प्लॉट हैं। फिलहाल जो डेंगू के मरीज मिले हैं उसमें सेक्टर-21 डी, एसजीएम नगर, सेक्टर-9, राहुल कॉलोनी (बीके अस्पताल के पीछे) बस्ती एरिए में डेंगू के मरीज पाए गए हैं। जहां डेंगू का एडीज एजिप्टी, येलो फीवर मच्छर के लार्वा पाए गए हैं।   

बरसाती व गंदा पानी जमा होने के कारण मक्खी व मच्छर पनप रहे हैं। पानी निकासी के लिए नगर निगम को बार-बार चिट्ठी लिख चुके हैं। हर बार यही जवाब मिला कि केरोसीन या पेट्रोल का छिड़काव पानी में करवा रहे हैं, लेकिन कहीं भी प्रॉपर फॉगिंग शुरू नहीं हुई है। कोरोना महामारी के चलते स्वास्थ्य विभाग इस बार डेंगू व मलेरिया को लेकर जागरूकता कार्यक्रम भी नहीं करवा पाया है।

मौसम में बदलाव के कारण जहां अब लोगों में वायरल बुखार की पुष्टि हो रही है, शहर की कई लैब में रोज होने वाले 50 में से करीब 20 लोगों के प्लेटलेट्स कम आ रहे हैं। सिविल अस्पताल के ब्लड बैंक से पिछले 25 दिनों में 560 से अधिक मरीजों को ब्लड इश्यू किया जा चुका है। इसमें 30 फीसदी प्राइवेट अस्पतालों में दाखिल मरीज भी हैं। डेंगू और मलेरिया के सर्वे का काम देख रहे बायलॉजिस्ट डॉ. पीके अरोड़ा के अनुसार हर बुखार कोरोना और डेंगू नहीं, वायरल बुखार हफ्ता तक रहता है।

लोगों को कर रहे जागरुक
डॉ अरोड़ा का कहना है कि जिले में अब तक डेंगू 05 और मलेरिया के 09 मरीज सामने आए है। मलेरिया विभाग की तरफ  से पिछले 4 महीनों से जिले के डेंगू प्रोन एरिया में विजिट की जा रही है। लार्वा नष्ट करने के साथ-साथ लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है।

फॉगिंग की जिम्मेदारी निगम की 
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. रामभगत ने कहा कि शहर में डेंगू कंट्रोल करने के लिए फॉगिंग करवाने की जिम्मेदारी नगर निगम की है। निगम को कई बार पत्र भी लिख चुके हैं। लोगों से भी अपील है कि बहुत सतर्क होकर रहें। घरों की छत या आसपास, कूलर, फ्रीज की ट्रे, गड्ढ़ों में पानी जमा न होने दें। यदि पानी हो तो सफाई करे और होद में जानवरों के लिए भरे पानी को खाली करके ताजा पानी भरें।