फरीदाबाद में कोरोना की टेस्टिंग के लिए बनेगी और अधिक लैब, होगी ज़्यादा से ज़्यादा लोगों की कोरोना जाँच

News24NCR/Faridabad: स्वास्थ्य विभाग कोरोना संदिग्धों की रिपोर्ट के लिए पूरी तरह ईएसआइसी मेडिकल कॉलेज पर निर्भर नहीं रहेगा। स्वास्थ्य विभाग जल्द ही एक मॉलिक्यूलर लैब स्थापित करने जा रहा है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग अपनी मॉलिक्यूलर लैब में संदिग्धों के सैंपलों की जांच कर सकेगा। इससे सैंपलिंग के कार्य में और तेजी आएगी और संदिग्धों को रिपोर्ट समय मिलने लगेगी।

उल्लेखनीय है कि कोरोना संदिग्धों के सैंपलों की रिपोर्ट ईएसआइसी मेडिकल कॉलेज वायरोलॉजी लैब से आती है। ईएसआइसी के पास फरीदाबाद के अलावा गुरुग्राम, रेवाड़ी और पलवल जिले के सैंपल भी आते हैं। सैंपलों की अधिकता होने की वजह से रिपोर्ट आने में तीन दिन का समय लग जाता है। ईएसआइसी मेडिकल कॉलेज के कार्यभार को कम करने के मॉलिक्यूलर लैब की स्थापना की योजना तैयार की गई है। इस लैब के स्थापित होने के बाद संदिग्ध की रिपोर्ट 24 घंटे में आ जाया करेगी।

सेक्टर-55 में हो सकती है स्थापित
स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता मॉलिक्यूलर लैब को नागरिक अस्पताल बादशाह खान में स्थापित कराने की है, लेकिन नागरिक अस्पताल में स्थान अभाव बताया जा रहा है। यदि यह लैब नागरिक अस्पताल में स्थापित नहीं होती है, तो पॉली क्लीनिक सेक्टर-55 में बनाया जा सकता है। स्वास्थ्य निदेशालय ने रियल टाइम पॉलीमरेज चेन रिएक्शन (आरटीपीसीआर) मशीन सेट अप लगाने की मंजूरी दी है। जिला स्वास्थ्य विभाग को पंचकुला से आरएमए टेस्ट मशीन भेजी जा चुकी है

अन्य बीमारियों का भी पता लग सकेगा
मॉलिक्यूलर लैब फिलहाल कोरोना संदिग्धों के सैंपलों की जांच के लिए इस्तेमाल की जाएगी। कोरोना का प्रकोप नियंत्रित होने पर फंग्स व बैक्टीरिया से संबंधित रोगों की रिपोर्ट मिल सकेगी।

लैब स्थापना से पूर्व बायोलॉजिस्ट व लैब सहायक स्टाफ को चार दिन के प्रशिक्षण के लिए ट्रांसलेशनल स्वास्थ्य विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी संस्थान (टीएचएसटीआइ) भेजा जाएगा। हमारी कोशिश है कि नागरिक अस्पताल में लैब स्थापित है।
– डॉ. रणदीप सिंह पूनिया, मुख्य चिकित्सा अधिकारी