फरीदाबाद ब्रेकिंग: अब सीमित क्षेत्र में होगा कोरोना वार्ड, फिर से शुरू होंगे सर्जिकल ऑपरेशन

News24NCR/Faridabad: वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के लागातार बढ़ते मामलों के बाद हरियाणा समेत पूरे देश में लागू किए गए लॉकडाउन 4 और अनलॉक-थ्री के चलते सरकारी अस्पतालों में पांच माह से बंद चल रहे रुटिन सर्जिकल ऑपरेशन को शुरू किए जाने के लिए हरियाणा के हैल्थ डॉयरेक्टर जनरल सूरजभान कम्बोज ने मंजूरी प्रदान करते हुए लिखित आदेश बीके अस्पताल की पीएमओ डॉ. सविता यादव के पास भेजे हैं।

उल्लेखनीय है कि इस दौरान फरीदाबाद जिले में कोरोना संक्रमण के चलते करीब 4 हजार से अधिक रूटीन ऑपरेशन रूके हुए होने की वजह से जिले के मरीजों को असुविधा और परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इतना ही नहीं पिछले तीन पांच माह से बादशाह खान अस्पताल की दूसरी मंजिल पर कोरोना मरीजों के लिए 40 बेड का आईसोलेशन वार्ड बनाए जाने से दूसरी मंजिल को पूरी तरह से आम मरीजों के लिए बंद कर दिया गया था। क्यूंकि अस्पताल प्रबंधन का कहना था कि ताकि अन्य मरीजों में कोरोना का संक्रमण नहीं फैले।

वहीं ऑपरेशनों के बंद होने से प्रभावित चिकित्सा सेवाओं को खोलने के लिए पीएमओ डॉ. सविता यादव ने मरीजों की बीमारी और परेशानी का हवाला देते हुए स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त निदेशक एवं सीएमओ को पत्र लिखकर पहले की तरह रूटिन ऑपरेशन शुरू किए जाने की अनुशंसा की है। जिसके बाद हैल्थ डॉयरेक्टर जनरल सूरजभान कम्बोज ने इसे जरूरी बताते हुए रूटिन ऑपरेशनों को मंजूरी प्रदान की। इस मुद्दें को पंजाब केसरी ने भी समय-समय पर उठाया था।

अब सीमित क्षेत्र में होगा कोरोना वार्ड

पीएमओ डॉ. यादव ने बताया कि कोरोना के चलते बीके अस्पताल में दूसरी मंजिल पर आईसोलेशन वार्ड बनाया गया है। जिसमें 3 से 4 मरीज कभी-कभी भर्ती होते हैं। लेकिन इन मरीजों की वजह से संक्रमण का डर दिखाकर फरीदाबाद के करीब 4000 हजार ऑपरेशन रूके हुए हैं। डॉयरेक्टर जनरल का मंजूरी पत्र मिलने के बाद 40 बेड के आईसोलेशन वार्ड को अब सीमित किया जाएगा और कोरोना मरीजों के लिए अलग व्यवस्था की जाएगी।

इस पर हमने काम शुरू कर दिया है और अस्पताल की दूसरी मंजिल पर अन्य मरीज भी शिफ्ट किए जा सकेंगे और कोरोना के आईसोलेशन वार्ड को पृथक कर दिया जाएगा। इससे अन्य मरीजों को भी संक्रमण का खतरा नहीं रहेगा।
24 मार्च से लेकर 15 अगस्त तक इन पांच माह में बादशाह खान अस्पताल में बच्चेंदानी की गांठ, पथरी, आंखों का मोतियाबिंद, हर्निया, हाईड्रोसील, सीने की गांठ समेत ब्रेस्ट और हड्डी रोग से जुड़े करीब 4 हजार इलैक्टिव ऑपरेशन लंबित चल रहे हैं।