फरीदाबाद बना चिड़ियाघर, बंदरों के बाद शहर में तेंदुए का आतंक

News24NCR/Faridabad: फरीदाबाद एक ऐसा शहर जो किसी जमाने में औद्योगिक नगरी के नाम से जाना जाता था, पूरे भारत में उद्योग का नाम आते ही सभी की जुबान पर सबसे पहले फ़रीदाबाद का नाम रहता था। लेकिन बीते दिनों फ़रीदाबाद को स्मार्ट सिटी में चुना गया जो शायद फ़रीदाबाद के लिए ग्रहण का काम कर गया, अब यहाँ विकास उल्टे पैर दौड़ता है। इसी कड़ी में आजकल फ़रीदाबाद अपनी किस्मत को कोसता नज़र इसलिए आ रहा है क्यूँकि अब यहाँ विकास के विपरीत घटनाएं घटित हो रही है। कहने को तो फ़रीदाबाद अब समार्ट सिटी है पर धीरे धीरे यह एक चिड़िया घर में बदलता जा रहा है।

यहां प्रगति के लिए पेड़ काटे जाते है, जंगलो को उजाड़ा जाता है और ताज़ी हवा के नाम पर प्रदूषण फैलाया जाता है। अब ऐसी स्थिति में न जंगल बच पा रहे हैं और ना ही पेड़ फिर बिचारे तेंदुए कहाँ जाएंगे। तो वो भी अपना बोरिया बिस्तर बाँध कर जनता के साथ रहने चले आ रहे हैं।

कैसे? अब ये जानने के लिए शहरवासियों को पता होना चाहिए कि जिस तरीके से तेंदुओं ने आजकल फ़रीदाबाद में आतंक मचा रखा है यह किसी घनिष्ट आबादी वाले शहर के लक्षण नहीं है। पहले अरावली के जंगलों में तेंदुओ की आबादी लगातार बढ़ रही थी, लेकिन जनाब वो तो जंगल है, इसलिए उस बात को ना ही किया जाए तो बेहतर होगा। लेकिन जिस तरह से जंगलो को काट कर आबादी वहाँ पहुँच रही है तब से तेंदुए जैसे खुंखार जानवर ने मैदानी इलाकों में घुस पैठ करनी शुरू कर दी है।

अब रुख़ करते हैं शहरी इलाक़ों की ओर तो यहाँ आपको बंदरों के आतंक का जीता जागता नजारा देखने को मिलेगा, बंदरो ने शहरवासियों की नाक में दम कर रखा है। क्यूँकि इंसान ने जिस प्रकृति पर अपना कब्जा किया है वहाँ पहले इन्ही बंदरो के घर हुआ करते थे पर प्रशासन को इनके पेड़ किसी काम के नहीं लगे और फिर वहाँ पर इमारतों का निर्माण करवा दिया गया। बोला तो था मंत्रीगण ने कि वृक्ष आरोपण किया जाएगा पर इसके विपरीत काम होता दिखाई दे रहा है। आज मेरी तमाम सड़कों पर बूढ़े बरगद, पीपल और नीम को काट कर छोड़ दिया जाता है। यही पेड़ इन बंदरों के घर थे जो अब उखाड़ कर फेक दिए गए हैं।

तो अब आप ही बताइये कि आखिर ये बन्दर जाए तो जाए कहाँ? अब आप बोलेंगे कि प्रशासन को इन्हे कैद कर लेना चाहिए। लेकिन मैं आपसे पूछता हूँ क्या कैद ही एकलोता विकल्प है ?

बीते दिनों जंगल काट कर बसाए गए ग्रेटर फ़रीदाबाद में भी लगातार साँप निकलने की विडीयो भी इंटरनेट पर चर्चा का विषय बनी हुई थी। हर दूसरे दिन आबादी के बीच साँप व अन्य जंगली जीव लोगो के बीच पहुँच जाते है, जिन्हें स्थानीय निवासी पकड़ कर नहर के आस पास के जंगलो में छोड़ते हुए नज़र आए थे।