फरीदाबाद कि सड़कों पर आपको हर डिज़ाइन के गड्ढे मिलेंगे, क्यूँकि ये स्मार्ट सिटी के स्मार्ट गड्ढे जो है

News24ncr/SandeepGathwal: “स्मार्ट सिटी फरीदाबाद” किसी भी शहर के आगे स्मार्ट नाम जुड़ जाने से जहाँ लोगों का सीना गर्व से फूल जाता है वहीं फ़रीदाबाद शहर का ये नया नाम सुनते ही यहाँ के लोगों का खून खौल उठता है। इसके अनेकों कारण यहाँ के लोग आपको उँगलियो पर गिना सकते है। चाहे वो पीने के पानी की समस्या हो या बिजली की।

लेकिन आज का हमारा मुद्दा इन सब मूलभूत सुविधाओं के अलावा उन बातों का है जिनकी वजह से यहाँ आने वाले लोगों के मन में भी शहर के प्रति विपरीत प्रभाव पड़ता है। जी हाँ हम बात कर रहे हैं यहाँ कि सड़कों कि, आप यहाँ कि सड़कों को स्मार्ट सिटी की सड़के समझ कर सरपट भागने की कोशिश बिल्कुल भी ना करें क्यूँकि यह जानलेवा हो सकती है।

क्योंकि इस नाम से चर्चित इस शहर की सड़कों की हालत वैसी नहीं हैं। अगर मथुरा रोड को छोड़ कर अन्य सड़कों कि बात करें तो आप दुविधा में पड़ जाएँगे कि गड्ढे में सड़क है, या फिर सड़क में गड्ढे यह पता भी नहीं चलेगा।

कुछ समय पहले भी सेक्टर-55 में सड़क हादसों से परेशान होकर यहां पर लोगों ने खुद सड़के ठीक की थीं। ऐसा कोई भी इलाका नहीं होगा जहां टूटी सड़कें आपको नहीं मिलेंगी।

फरीदाबाद की सड़कें डेंजर जोन के रूप में मुंह बाए खड़ी है। शहर की हालत ऐसी है कि सड़कों पर कभी सीवरेज का पानी जमा रहता है, तो कभी बारिश का। ऐसे में इन गड्ढों वाली सड़कों की हालत ऐसी बन चुकी है कि सावधानी हटी तो दुर्घटना घटी। हास्यास्पद तो यह कि ही यह जिला प्रशासन को दिखाई दे रहा है और ही नगर निगम को।

सेक्टर का इलाका हो या फिर एनआईटी या फिर ग्रामीण हर जगह टूटी गड्ढो वाली सड़कों की भरमार है। लाखों खर्च कर बनाई इन सड़कों की दशा और दुर्दशा को देखने वाला कोई नहीं है। दिन के समय में तो फिर भी गनीमत है, पर रात का सफर तो बिल्कुल ही नहीं।

रात में तो सफर बस वही कर सकता है जिसको अपनी जान प्यारी नहीं। हैरत तो इस बात की है कि शहर के पॉश एरिया की सड़कों की हालत भी ऐसी है। गली कूचे की तो भगवान ही मालिक हैं।