प्रधानमंत्री राहतकोष का फ़र्जी अकाउंट बनाने वाले पर FIR दर्ज।

News24NCR: दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने प्रधानमंत्री राहत कोष के नाम पर फर्जी अकाउंट बनाकर ठगी करने वाले एक मामले में FIR दर्ज किया है. दिल्ली के पुलिस कमिश्नर एसएन श्रीवास्तव ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री राहत कोष के लिए जो UPIID है वो PMCARES@SBI है. यानी कि पीएमकेयर्स@एसबीआई. जबकि फर्जी अकाउंट PMCARE@SBI यानी पीएमकेयर@एसबीआई. दोनों आईडी में सिर्फ एस का फर्क है. असली UPI ID, पीएमकेयर्स है जबकि नकली पीएमकेयर. 

उन्होंने बताया कि धोखाधड़ी करने वाले इस अकाउंट को सोशल मीडिया पर भी वायरल किया गया है, जिसके बाद साइबर सेल ने फर्जीवाड़े का मामला दर्ज किया है. फिलहाल फर्जी अकाउंट को बंद करवा दिया गया है. 

साइबर सेल ने लोगों से समझदारी से पैसे डोनेट करने की अपील की है. इसलिए अगर कोई पैसा डोनेट कर रहे हैं तो ध्यान रखें कि असली अकाउंट PMCARES@SBI है. इसलिए किसी अन्य UPI ID में पैसे जमा ना करवाएं. 

गौरतलब है कि कोरोना वायरस से निपटने के ​लिए प्रधानमंत्री ने शनिवार को देश की जनता से दान करने का आह्वान किया और इसके लिए पीएम सिटीजन असिस्टेंट ऐंड रिलीफ इन इमरजेंसी सिचुएशन (PM-CARES) फंड बनाया गया है. फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार ने इस फंड में 25 करोड़ रुपये दान दिए हैं. इसके बाद तो जैसे इस फंड में दान करने की होड़ लग गई है और कारोबार जगत से लेकर फिल्म इंडस्ट्री तक और सितारों से लेकर आम आदमी तक हर कोई इसमें दान कर रहा है. 

लेकिन भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय ने चेतावनी दी है कि पीएम केयर फंड के नाम पर कई फर्जी यूपीआई आईडी से चंदा मांगा जा रहा है. 

सिर्फ ये है असली आईडी 

पीआईबी की फैक्ट चेक टीम ने ट्वीट कर बताया है, ‘पीएम केयर फंड के नाम पर प्रसारित हो रहे फर्जी यूपीआई आईडी से सावधान रहें.’ पीआईबी फैक्ट चेक टीम ने ट्वीट कर बताया है कि पीएम केयर फंड में डोनेट करने के लिए असली यूपीआई आईडी है— pmcares@sbi. इसके अलावा अगर आपके पास कोई लिंक या संदेश आता है, जिसमें यह आईडी नहीं है तो उसमें बिल्कुल दान न करें. वह पीएम फंड के नाम पर आपको ठगने की कोशिश हो सकती है.

कैसे कर सकते हैं दान 

पीएम केयर फंड में डेबिड कार्ड, क्रेडिट कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग, यूपीआई, आरटीजीएस या एनईएफटी से डोनेट किया जा सकता है और इसमें किया गया दान इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80 जी के तहत करमुक्त होता है.

इन हस्तियों ने भी किया दान 

इस फंड में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, पीयूष गोयल, धर्मेंद्र प्रधान, रविशंकर प्रसाद, प्रकाश जावडेकर, किरण रिजिजू, संतोष गंगवार आदि ने अपनी एक महीने की सैलरी डोनेट करने का निर्णय लिया है.

कारोबार जगत भी आगे 

कारोबार जगत की बात करें तो अडानी, रिलायंस ग्रुप, टाटा सहित कई कंपनियों ने इस फंड में दान करने का निर्णय लिया है. सरकार ने इस फंड के तहत किए गए दान को सीएसआर के तहत शामिल करने का निर्णय लिया है