प्रदूषण हुआ ख़त्म, हवा हुई साफ़, फिर भी खुलकर साँस नहीं ले पा रहे लोग।

News24NCR: औद्योगिक नगरी फ़रीदाबाद जो हमेशा से उद्योग धंधो के लिए ना कि पूरे भारत में बल्कि पूरे विश्व में अपनी अमिट छाप छोड़ता रहा है। क्यूँकि फ़रीदाबाद में सूँई से लेकर हवाई जहाज़ तक के सभी प्रकार के उद्योग चलते है। अनेंको बड़ी कम्पनियाँ चाहे वो JCB हो या Lakhani, BATA, Escorts, Star Wires सहित देश कि अन्य नामी कंपनियो के मुख्यालय फ़रीदाबाद में स्थित है

लेकिन पिछले कुछ समय से फ़रीदाबाद एक और कारण से देश में सुर्ख़ियाँ बटोरे हुए था और वो था प्रदूषण। शहर कि हवा प्रदूषण से इतनी ज़हरीली हो चुकी थी कि लोगो से साँस तक नहीं लिया जा रहा था। और फ़रीदाबाद प्रदूषण के मामले में देश में नम्बर एक की स्थिति पे आ गया था।

लेकिन अब कोरोना वायरस के चलते देश में लॉकडाउन के आदेश दिए गए है जिस वजह से लोग अपने ही घरों में क़ैद हो कर रह गए है। अनावश्यक रूप से सड़कों पर कोई भी वाहन घूमता नज़र नहीं आता और सभी उद्योग बंद पड़े है जिस कि वजह से शहर कि हवा का प्रदूषण स्तर बहुत घट गया है और मानको के मुताबिक़ ये हवा एक स्वस्थ व्यक्ति के लिए बहुत अच्छी है लेकिन कोरोना वायरस का ज़हर जो कि प्रदूषण मापने के मानको में क़ैद नहीं हो पाता वो भी इसी स्वच्छ हवा में पनप रहा हो सकता है।

आज का प्रदूषण स्तर

लोगों के घरों में क़ैद हो जाने से जिस तेज़ी से प्रदूषण ख़त्म हुआ है इस से ये तो साफ़ हो गया है कि प्रकृति अपने रंगो में हमेशा रंगी रहती है उसको बिगाड़ने का काम मनुष्य ही करता है। जिन पंछियो कि आवाज़ सुनने को कान तरस जाते थे उनकी मीठी आवाज़ अब वातावरण को और ख़ुशनुमा बना देती है। सभी पशु पक्षी और पंछी क़ुदरत कि इस दुनिया में आज़ाद घूम रहे है और मनुष्य घरों में क़ैद हो कर रह गया है। इसलिए इस साफ़ वातावरण को यहीं रोके रखने के लिए जागरूकता कि बहुत आवश्यकता है। प्रकृति से छेड़छाड कभी नहीं करनी चाहिए क्यूँकि उसका नुक़सान लोगों को ही उठाना पड़ता है।

तीन महीने पहले का प्रदूषण स्तर