पिछली सरकारों की गलती का ख़ामियाज़ा भुगत रहे पी.टी.आई. टीचर: नयनपाल रावत

News24NCR/Faridabad: नौकरी छीने जाने से क्षुब्ध पीटीआई अध्यापकों का विरोध प्रदर्शन जारी है। रविवार को पीटीआई अध्यापकों ने हरियाणा भंडारण निगम के चेयरमैन एवं पृथला विधानसभा क्षेत्र के विधायक नयनपाल रावत के सेक्टर-15ए स्थित निवास पर जाकर अपनी मांगों के संदर्भ में उनसे वार्ता की। इस दौरान पीटीआई अध्यापक संघर्ष समिति के प्रधान धर्मेन्द्र ने श्री रावत को बताया कि पिछले दस वर्षाे से नौकरी करने के बावजूद कोरोना महामारी के इस दौर में उनके रोजगार छीनने से उनके समक्ष भूखो मरने की नौबत आ चुकी है, वह पिछले कई दिनों से लगातार अपनी बात सरकार तक पहुंचाने के लिए धरना प्रदर्शन कर रहे है,लेकिन अभी तक सरकार के किसी नुमाइंदे ने उनकी बात तक नहीं सुनी है।

उन्होंने कहा कि भर्ती में लगभग 60 प्रतिशत पीटीआई 45 वर्ष की उम्र पार कर चुके है, जो कि आगामी किसी भी भर्ती प्रक्रिया में भाग नहीं ले सकते तथा उम्र के इस पड़ाव में उनके लिए लिखित परीक्षा देना भी न्यायसंगत नहीं है। इस मौके पर पीटीआई अध्यापकों को संबोधित करते हुए विधायक नयनपाल रावत ने पूर्व की हुड्डा व इनेलो सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि इन सरकारों की गलत नीतियों के चलते आज करीब 2 हजार परिवार भुखमरी के कगार पर पहुंच गए है, उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रदेश में योग्यता व मैरिट के आधार पर नौकरी देने की जो प्रथा शुरू की है, उसके तहत आज काबिल व्यक्तियों को रोजगार मिल रहा है, जबकि हुड्डा व इनेलो सरकार में सिफारिशियों को नौकरी दी जाती थी, जिसका परिणाम आज पीटीआई अध्यापकों को भुगतना पड़ रहा है।

नयनपाल रावत ने कहा कि यह मामला पूरी तरह से मुख्यमंत्री मनोहर लाल व हरियाणा सरकार के संज्ञान में है और सरकार से इनकी कई दौर की बातचीत भी हो चुकी है और सरकार ने इन लोगों को एडजेस्ट करने के लिए एक ऑनलाइन रजिस्टे्रशन फार्म भरने को भी कहा है, जिस पर काम चल रहा है। श्री रावत ने कहा कि जिस प्रकार पिछले दिनों सरकार ने गेस्ट टीचरों क राहत देने का काम किया, उसी तर्ज पर पीटीआई टीचरों को राहत देने के लिए मंथन चल रहा है क्योंकि मनोहर सरकार की मंशा किसी को बेरोजगार करने की नहीं है। उन्होंने बताया कि इन 1983 पीटीआई टीचरों में से 35 की मौत हो चुकी है, जबकि 68 ने कोर्ट में रिट डाली थी, जिस पर सुप्रीमकोर्ट ने इन्हें निकालने के आदेश दिए है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने इन्हें समाजयोजित करने के लिए एक कमेटी गठित कर दी है, जिसमें बिजली मंत्री रणजीत सिंह चौटाला, राजेश खुल्लर व एजी आदि शामिल है और यह कमेटी पीटीआई अध्यापकों के हितों के लिए कोई रास्ता अवश्य निकालेगा। श्री रावत ने आए सभी अध्यापकों को आश्वस्त किया वह उनके दर्द के भली भांति समझ रहे है और उनकी सभी मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष प्रमुखता से रखकर कोई रास्ता निकाला जाएगा। इस मौके पर बिजेंद्र सिंह, जोगेंद्र डागर, सन्तोष कुमार, बृजेश कुमार, ममता, सुशीला, राजेश्वरी सोमवती, जगवती ,रामपाल अत्री, रमेश तेवतिया, टेकचंद सहित अनेकों अध्यापकगण मौजूद थे।