पलवल जिले की किस्मत बदलने का काम करेगा जेवर एयरपोर्ट, बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

Ne2s24NCR/Faridabad: दुनिया की बेहतरीन और नवीन तकनीक से बनने वाला जेवर एयरपोर्ट पलवल जिले के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है। इससे बड़े पैमाने पर रोजगार भी मिलेगा और नौजवानों की तरक्की के रास्ते भी खुलेंगे। इस प्रोजेक्ट के लिए करार (कंसेसन एग्रीमेंट) पर दस्तखत  होते ही जिले के अलीगढ़ रोड के साथ लगती जमीन के भाव भी आसमान छूने लगे हैं। पलवल जिला ही ऐसी एकमात्र महत्वपूर्ण जगह है जो जेवर में इंटरनैशनल एयरपोर्ट बनने के बाद वहां जाने के लिए एनसीआर के रास्तों को सबसे ज्यादा आसान बनाएगा। 

पलवल जिले के चारो ओर से दिल्ली, राजस्थान, उत्तरप्रदेश के कई इलाकों को अलग अलग तरीकों से जोड़ा गया है। इसके साथ ही हरियाणा के भी कई जिलों तक पलवल जिले की कनेक्टिविटी है। जेवर एयरपोर्ट से पलवल की दूरी महज 27 किमी है और जिले के 12 गांव यमुना के पार नोएडा से सटे हुए हैं।  जेवर एयरपोर्ट को लेकर पलवल जिले की भौगोलिक परिस्थिति बदलने की कवायद शुरू हो गई है। पलवल से अलीगढ़ जाने वाले मार्ग को फोर लेन किया जा रहा है।

वहीं, केजीपी एक्सप्रेस पर मौजपुर गांव में बनाए गए इंटरचेंज से जेवर एयरपोर्ट को जोड़ा जाएगा। एनएच-2 पर होडल से हसनपुर बडौली के रास्ते मौजपुर तक फोर लेन सड़क, पलवल-सोहना मार्ग को फोरलेन, पलवल-नूंह को फोर लेन किया जाना है। एयरपोर्ट से सटे पलवल जिले के खादर एरिया के गांव सोलडा, बागपुर आदि को जाने वाली सड़क को फोर लेन तथा पावर स्टेशन बनाने की योजना पर भी अमल शुरू हो गया है। 

एयरपोर्ट बनने से पलवल जिले के जिन खादर के गांवों को पिछड़ा माना जाता था सबसे ज्यादा असर इन्हीं गांवो पर पड़ेगा। यह इलाका जेवर एयरपोर्ट से सटा होने के कारण तरक्की के नए आयाम स्थापित करेगा। यूपी के नोएडा और हरियाणा के पलवल व फरीदाबाद की सीमाएं आपस में सटी हुई हैं। पलवल शहर से जेवर करीब 27 किलोमीटर है। केजीपी एक्सप्रेसवे के तहत यमुना नदी पर बनाया गया पुल भी एयरपोर्ट से लिंक होगा। इसके अलावा एयरपोर्ट के 150 किलोमीटर के दायरे में सभी सड़कों को फोर लेन बनाया जाएगा, जिसका फायदा भी पलवल को होगा। जेवर इंटरनैशनल एयरपोर्ट का सर्वाधिक फायदा एनसीआर को और एनसीआर में भी जेवर व पलवल को होगा।

बता दें कि जेवर एयरपोर्ट को लेकर पीडब्ल्यूसी (प्राइस वॉटर कूपर) ने 42 जिलों के सर्वे में कहा कि आबादी के अनुसार एयरपोर्ट आने वाले यात्रियों में सर्वाधिक मुसाफिर हरियाणा के (25 पर्सेंट) होंगे। इनमें पलवल और फरीदाबाद को पहले नंबर पर रखा गया है। यह सर्वे एयरपोर्ट के 150 किलोमीटर दायरे को कैचमेंट मानकर किया गया। इसके तहत 41 पर्सेंट यात्री एनसीआर के होंगे। इनमें यूपी के 26, राजस्थान के 5 और उत्तराखंड के 3 पर्सेंट मुसाफिर होंगे। शुरू में जेवर जाने वाले यात्रियों की संख्या सालाना 60 लाख होने का अनुमान है, जिनमें 50 पर्सेंट पलवल के रास्ते एयरपोर्ट जाएंगे। पलवल जिले के सोलडा, बागपुर, शेखपुर, माला सिंह फार्म आदि गांव की सीधी कनेक्टिविटी एयरपोर्ट से होगी। वहीं, दिल्ली, गुडग़ांव, मेरठ, आगरा से एयरपोर्ट के लिए एक घंटे का रन रखने के लिए रोड मैप तैयार किया जा रहा है।

दिल्ली पलवल प्रस्तावित एक्सप्रेस वे से प्रस्तावित खुर्जा पलवल मार्ग को जोड़कर जेवर एयरपोर्ट को सड़क कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे जेवर एयरपोर्ट को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे से भी कनेक्टिविटी मिल जाएगी। सोहना से गुजरने वाले प्रस्तावित पलवल रेवाड़ी एक्सप्रेस वे से भी जेवर एयरपोर्ट जुड़ेगा। गुरुग्राम को सोहना होकर रेवाड़ी पलवल एक्सप्रेस वे से जोड़ा जा रहा है। इस मार्ग के जरिए जेवर एयरपोर्ट गुरुग्राम होते हुए आईजीआई एयरपोर्ट से जुड़ जाएगा। सड़क कनेक्टिविटी से हरियाणा के कई जिलों के साथ ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे से पश्चिम उत्तर प्रदेश के जिले भी जेवर एयरपोर्ट से जुड़ जाएंगे।