निज़ामुद्दीन मस्जिद से भागे मुस्लिम पूरे भारत में फैला सकते है कोरोना, सरकार ढूँढने में जुटी।

News24NCR/नई दिल्ली: देश के मुस्लिम समाज के तमाम लोगों को अब खुदा या भगवान् ही बचा सकता है क्यू कि अनजाने में ही सही या लापरवाही हुई, समाज से एक बड़ी गलती हो चुकी है जिस कारण आशंका जताई जा रही है कि कहीं कोरोना अब पूरे देश में न फ़ैल जाए। एक जानकारी के मुताबिक लॉकडाउन सहित तमाम अपीलों के बावजूद दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित तबलीगी जमात का सेंटर (मरकज) में लोगों की मौजूदगी चिंता का सबब बन गई है। निजामुद्दीन में हड़कंप मच गया है क्यू कि  दिल्ली में तबलीगी जमात से जुड़े हुए लोगों में कोरोना संक्रमण के कई मामले सामने आए हैं।  तबलीगी जमात के चलते ही मुस्लिम समुदाय का सबसे बड़ा शिक्षण संस्थान देवबंद भी कोरोना संक्रमण की गिरफ्त में आ गया है। 

दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित तबलीगी जमात के सेंटर से रविवार को दिल्ली के LNJP अस्पताल में 34 लोगों को जांच के लिए लाया गया और सभी कोरोना संक्रमण के संदिग्ध बताए जा रहे हैं।  इसमें एक 64 साल के व्यक्ति की मौत हो गई है जो   तमिलनाडु का रहने वाला था. हालांकि, मौत किस वजह से हुई इसका खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा।  कार्यक्रम में शामिल तमाम  लोगों को LNJP अस्पताल में ही रखा गया है। पॉजिटिव केस के मरीज दिल्ली से बाहर ले जाये गए हैं। 
एक बड़ी जानकारी दिल्ली पुलिस के सूत्रों से मिल रही है कि कोरोना संक्रमण के बीच ये लोग जमा हुए  थे और अब देशभर में फैल चुके हैं। इनमे लगभग 1400 लोग शामिल हुए थे जिनमे सैकड़ों विदेशी थे। कई  केस कोरोना पॉजिटिव निकले।  माना जा रहा है कि 1400 लोगों में से  कई लोग कोरोना संक्रमित हो सकते हैं। लगभग 300 लोग ही मिले हैं जिनकी जाँच चल रही है। 1000 से ज्यादा गायब हैं और  अब कई राज्यों की सरकारें उन्हें ढूंढ रही हैं ताकि ऐसे लोगों को अलग किया जा सके। ये लोग न जाने किसे जिले से उस कार्यक्रम में गए थे और न जाने कितनी मस्जिदों में गए और न जाने कितनो को कोरोना बाँट आये हैं। कुछ मिनट पहले हरियाणा के फरीदाबाद जिले के भाजपा नेता विजय बैसला ने यही सब देख एक अपील की थी कि मुस्लिम समाज के लोग मस्जिदों में न जाएँ। अपने घरों में रहें।