नगर निगम के नर्क में नहीं जाना चाहते 26 गाँव, सरपंच उतरे सड़कों पर

News24NCR/Faridabad: निगम द्वारा 26 गांव को नगर निगम में शामिल किए जाने के फैसले का विरोध लगातार जारी है। इसी को लेकर आज 26 गांव के युवा, पंच सरपंच और बुजुर्ग अपने पूरे दलबल के साथ सेक्टर 12 राजस्थान भवन से हरियाणा सरकार और नगर निगम के खिलाफ पैदल मार्च करते हुए, नगर निगम मुर्दाबाद, 26 गांव की एकता जिंदाबाद, डीसी साहब हमारी मांगे पूरी करो नारे लगाते हुए सचिवालय पहुंचे और अपनी पंचायतों से पास करवाया हुआ रेजुलेशन जिला उपायुक्त को सौंपा, जिसमें लिखा गया कि उनकी पंचायतें निगम में शामिल नहीं होना चाहती हैं।

हाथों में विरोधस्वरूप लिखी हुई तख्तियां, जुबान से निकलते हुए विरोध स्वर लेकर ग्रामीण अपने गांवों को नगर निगम में शामिल न करने की मांग को लेकर पहले दिन से प्रदर्शन कर रहे हैं।

26 गांव को नगर निगम में लिए जाने को लेकर ग्रामीणों ने इससे पहले अपने अपने हल्का के विधायकों और नेताओं को ज्ञापन दिए, यहां तक कि युवाओं ने गांवों को नगर निगम में शामिल ना करने को लेकर अपने खून से लिखे पत्र को भी प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को भी भेजा लेकिन अभी तक इसको लेकर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

इसी के चलते आज करीब 15 गांवों के पंच सरपंचों ने अपनी पंचायतों से रेजूलेशन पास करवा के जिला उपायुक्त को सौपा है जिसमें लिखा गया है कि उनकी पंचायतें नगर निगम में शामिल होना नहीं चाहती हैं।

जिला उपायुक्त ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि उनकी मांगा को वह आगे तक पहुंचायेंगे।

युवा पंचायत अध्यक्ष जसवंत पवार ने बताया कि हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि जिन गांव ने नगर निगम के खिलाफ अपने रेजूलेशन दे दिए हैं। ऐसे किसी भी गांव को जबरदस्ती नगर निगम में शामिल नहीं किया जाएगा। फरीदाबाद नगर निगम पहले से ही बहुत कंगाल और घोटाले बाज भी है, आए दिन नगर निगम में नये-नये घोटाले उजागर होते हैं।

उन्होंने कहा कि अगर ये गांव भी नगर निगम में आ गए तो इन खुशहाल गांव को भी नरक बना दिया जाएगा। हम अपने गांव किसी भी कीमत पर नगर निगम में नहीं जाने देंगे अगर सरकार ने हमारी मांगे नहीं मानीं, तो सरकार के खिलाफ आंदोलन करने पर मजबूर हो जाएंगे।

सरपंच एसोसिएशन के अध्यक्ष महिपाल आर्य ने बताया कि हम नेताओं, विधायकों और प्रशासन के सभी बड़े अधिकारियों को ज्ञापन दे चुके हैं लेकिन अभी तक भी हमारी कोई सुनवाई नहीं हुई है अगर सरकार हमारी जल्द सुनवाई नहीं करती है, तो हम आगे भूख हड़ताल करने को मजबूर हो जाएंगे, सभी सरपंचों ने एक स्वर में कहा कि कुछ भी हो जाए लेकिन हम अपने गांव नगर निगम में नहीं जाने देंगे।