खुशखबरी: भारत में हुई 5G की शुरुआत, ट्रायल की मिली मंज़ूरी।

News24ncr/Delhi/SandeepGathwal: टेलीकॉम डिपार्टमेंट (DoT) ने मंगलवार को टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स (TSP) को 5G टेक्नोलॉजी का ट्रायल करने की अनुमति दे दी। यह ट्रायल छह महीने की अवधि के लिए होगा। 

5G टेक्नोलॉजी के ट्रायल की अनुमति के लिए आवेदन करने वाली TSP में भारती एयरटेल, वोडाफोन आइडिया, रिलायंस जियो इंफोकॉम और MTNL शामिल हैं। छह महीने के ट्रायल में इक्विपमेंट खरीदने और लगाने के लिए दो महीने भी शामिल हैं।

ट्रायल के लिए टेलीकॉम कंपनियों ने एरिक्सन, नोकिया, सैमसंग और C-DOT जैसी ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEM) और टेक्नोलॉजी प्रोवाइडर्स के साथ टाई-अप किया है। जियो इसके  लिए देश में डिवेलप की गई अपनी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करेगी।

टेलीकॉम डिपार्टमेंट ने बताया कि ट्रायल नॉन-कमर्शियल होगा और टेलीकॉम कंपनियों को इसे अपने मौजूदा नेटवर्क से अलग करना होगा। 

5G टेक्नोलॉजी के ट्रायल के लिए विभिन्न बैंड में एक्सपेरिमेंटल स्पेक्ट्रम दिया जा रहा है। इनमें मिड-बैंड (3.2 GHz से 3.67 GHz), मिलिमीटर वेव बैंड (24.25 GHz से 28.5 GHz) और सब-गीगाहर्ट्ज बैंड (700 GHz) शामिल हैं। इसके अलावा टेलीकॉम कंपनियों को उनके मौजूदा स्पेक्ट्रम का भी ट्रायल के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति दी गई है।

प्रत्येक टेलीकॉम कंपनी को शहरों के साथ ही गांवों में भी ट्रायल करने होंगे जिससे 5G टेक्नोलॉजी का फायदा देश भर में मिल सके और यह सिर्फ शहरों तक ही सीमित न रहे।

सरकार को 5G टेक्नोलॉजी आने से डेटा डाउनलोड स्पीड बढ़ने, स्पेक्ट्रम का बेहतर इस्तेमाल होने और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) जैसे नए कॉन्सेप्ट के रास्ते पर आगे बढ़ने  की उम्मीद है।

5G टेक्नोलॉजी का एग्रीकल्चर, एजुकेशन, हेल्थ, स्मार्ट सिटीज, ट्रांसपोर्ट और ट्रैफिक मैनेजमेंट जैसे कई एरिया में इस्तेमाल किया जा सकता है।

अमेरिका और दक्षिण कोरिया जैसे देशों में इस टेक्नोलॉजी का पहले से इस्तेमाल हो रहा है।