कोरोना वायरस बनी पुलिस, लोगो को किया अपने अन्दाज़ में जागरूक।

News24NCR: कोरोना जैसी महामारी से निपटने के लिए लोगों का जागरूक होना अति आवश्यक है क्यूँकि जागरूकता ही इस जानलेवा बिमारी कि एकमात्र दवा है इसके अलावा विश्व भर में इसकी कोई दवा नहीं बन पायी है और लोगों को जागरूक करने में सरकारी तन्त्र के साथ साथ मीडिया जगत अपनी भागीदारी बखूबी निभा रहा है। क्यूँकि जब तक लोग जागरूक नहीं होंगे तब तक इस महामारी से नहीं बचा जा सकता।

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा पारित लॉकडाउन के आदेशों को अभी तक कुछ लोग मान नहीं रहे है और सड़कों पर उतर रहे है, उन लोगों को जागरूक करने के लिए पुलिस ने एक अनोखा अन्दाज़ अपनाया और स्वयं कोरोना बन कर सड़कों पर उतर आए व आने जाने वाले लोगों को इस बिमारी के लिए जागरूक किया।

देश के कोने कोने में पुलिस प्रशाशन द्वारा किए जा रहे प्रयास सराहनीय है, क्यूँकि जब सभी तरह से स्तिथी क़ाबू से बाहर हो जाती है तब भी पुलिस अपने कर्तव्य के लिए जान जोखिम में डाल कर लोगों कि सेवा करने में लगी रहती है। अपनी ड्यूटी निभाने के साथ साथ मानव सेवा के कार्यों में जिस तरह से पुलिस का योगदान देखने को मिल रहा है वो सराहनीय है।

हालाँकि कभी कभी लोगों को समझाने के साथ साथ पुलिस को सख़्त रवैया भी अपनाना पड़ता है, परंतु लोगों को समझना चाहिए कि वह सख़्ती लोगों के हित में है।

इसके साथ ही दूसरा पहलू ये भी कुछ पुलिसकर्मी ऐसे भी होते है जो ख़ाकी को शर्मिंदा करने का काम भी करते है जिसका जीता जागता उदाहरण फ़रीदाबाद में देखने को मिला जिसमें एक पुलिसकर्मी ने एक नाबालिग बच्चे का पैर तोड़ दिया। और ऐसे ऐसे अनेकों मामले सामने आते रहते है जिनमे ख़ाकी की बदनामी भी होती है।