करोड़ों रुपए के सेनेटाइज़र घोटाले के बाद भी नीमका और मुजैड़ी गाँव के सरपंचों की मौज, टला निलम्बन?

News24NCR/Faridabad: लॉकडाउन के दौरान करोड़ों रुपये का घालमेल सामने आने के कारण गांव मुजैड़ी और नीमका पंचायतें पिछलें दिनों खासी चर्चित रहीं। गांव नीमका पंचायत पर जहां लाखों रुपये के मास्क व सैनिटाइजर बांटे जाने का आरोप लगा, वहीं मुजैड़ी पंचायत ने बिना मंजूरी लिए करीब तीन करोड़ रुपये के बिल पास कर दिए। दोनों पंचायतों के ग्राम सचिवों को जिला उपायुक्त ने तुरंत निलंबित कर दिया था। वहीं सरपंचों पर तलवार लटकी हुई थी। अब सूत्रों के हवाले से बिल्कुल नई जानकारी सामने आ रही है कि बैंक्वेट हॉल डिप्लोमेसी में सरपंचों को अभयदान मिल गया है। वहीं इस पूरे प्रकरण की पटकथा लिखने वाले एक पंचायत सचिव को उसकी मनपसंद जगह नियुक्ति के रूप में जीवनदान मिला है।

बैंक्वेट डिप्लोमेसी की पटकथा

बैंक्वेट हॉल डिप्लोमेसी राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे स्थित एक बेहद चर्चित बैंक्वेट हॉल में हुई है। जिसमें दोनों सरपंच, एक पंचायत अधिकारी, पटकथा लिखने वालाे पंचायत सचिव मौजूद रहे। अभयदान देने के लिए जिले के कद्दावर नेता खुद मौजूद थे। वहीं कद्दावर नेता के पुराने सहयोगी जोकि आजकल क्वारंटाइन चल रहे हैं, उन्होंने सूत्रधार की भूमिका निभाई। चर्चा के बाद तय हुआ है कि इस पूरे गड़बड़झाले की जिम्मेदारी दोनों पंचायतों के निलंबित चल रहे सचिवों पर डाली जाएगी। दोनों गांवों के सरपंचों को अभयदान मिल गया है कि अब मामले की जांच के दौरान उन्हें कार्रवाई के दायरे में नहीं लाया जाएगा। अभयदान सुनिश्चित करने के लिए कद्दावर नेता ने जिले के सबसे बड़े अधिकारी को फोन भी कर दिया है।

एक सचिव ने दो-दो विधायकों को दी धोबी पछाड़
इस पूरे प्रकरण में एक पंचायत सचिव ने दो-दो विधायकों को धोबी पछ़ाड़ दी है। यह सचिव किसी समय गांव मुजैड़ी में पंचायत सचिव के तौर पर कार्यरत था। वहां हुए गड़बड़झाले में इसके खिलाफ विजिलेंस में जांच लंबित है, इसलिए आजकल दूसरी पंचायतों का कार्यभार मिला हुआ था। गांव मुजैड़ी और
नीमका एफडी की पंचायतें हैं, जिन्हें एफडी से करोड़ों का ब्याज मिलता है। हर किसी की नजर इन पंचायतों पर रहती है। लगातार कई सालों तक इन पंचायतों में मलाई खाने के बाद अब पंचायत सचिव पर बिना मलाई रहा नहीं जा रहा। इसलिए गड़बड़झाले का वर्तमान मामला उजागर करने में उसने अहम भूमिका निभाई। अब इनाम स्वरूप उसे फिर मनपसंद नियुक्ति मिलने की भी चर्चा है। गांव नीमका पंचायत तिगांव विधानसभा जबकि मुजैड़ी पृथला विधानसभा के अंतर्गत आती हैं। दोनों विधायकों ने अपने पसंद के सचिव इन पंचायतों में नियुक्त कराए थे। मगर एक सचिव ने दोनाें विधायकों को धोबी पछाड़ दे दी है। दोनों विधायकों को फिलहाल हाथ मलना होगा।