आइए आपको दें बड़खल झील से जुड़ी संपूर्ण जानकारी, फ़िल्मों कि शूटिंग से लेकर उजड़ जाने तक का सफर

News24ncr/Faridabad: औद्योगिक नगरी कहे जाने वाला हरियाणा का फरीदाबाद शहर यू तो कहे मशहूर और लोकप्रिय पर्यटक स्थलों के लिए देश भर में मशहूर है लेकिन इन सब पर्यटक स्थलों में जो स्थल सब से ज्यादा लोकप्रिय और बॉलीवुड तक मशहूर है वह है फरीदाबाद की प्रसिद्ध बड़खल झील जो दशकों तक फरीदाबाद और आसपास के शहरो और देशभर के टूरिस्टों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रही। तो चलिए आज के इस लेख में फरीदाबाद की मशहूर बड़खल  झील से जुड़े कुछ तथ्यो के बारे में जानते है। ऐसे तथ्य जिनसे फरीदाबाद के भी बहुत काम लोग परिचित है।

फरीदाबाद की बड़खल झील से जुड़े रोचक तथ्य –

Amazing Fact About Badkhal Jheel Faridabad | फरीदाबाद की बड़खल झील से जुड़े रोचक तथ्य -

मानव निर्मित झील :-

फरीदाबाद में आरवली पर्वत श्रृंखला में खनन और अन्य कारणो से निर्मित हुई सैकड़ो झील और तालाब मौजूद है जो देखने में आकर्षक और खतरनाक भी है। लेकिन फरीदाबाद के बड़खल गांव में स्थित बड़खल झील फरीदाबाद और पूरे दिल्ली एनसीआर इलाके की सबसे सुंदर और आकर्षक आकर्षक झील है जिसका निर्माण इंसानों द्वारा किया गया है।

बड़खल का मतलब :-

बड़खल फरीदाबाद का एक विधानसभा क्षेत्र होने के साथ साथ फरीदाबाद का एक बड़ा गांव भी है जहां पर बड़खल झील मौजूद है। लेकिन बड़खल के बारे में यह बात बेहद कम लोग जानते है बड़खल नाम एक पर्सियन भाषा से लिया गया शब्द है। जिसका हिंदी में अर्थ होता है बिना किसी रुकावट के और इसी के आधार पर बड़खल झील का भी नाम रखा गया है।

कब और किन कारणों से बनाई गई थी बड़खल झील :-

बड़खल झील का निर्माण 1947 में आजादी के दशक में शुरू किया गया था। जिससे आस पास के खेतों में सिंचाई के लिए पानी मिल जाए। लेकिन समय के साथ यह झील लोगो की नजरो में आती गई और एक पर्यटक स्थल बन गई। जिसके बाद 1972 में हरियाणा सरकार ने झील के पास में ही एक रिसार्ट का निर्माण किया। जिसके बाद 1970 से लेकर 1990 यह झील पूरे देश के लोगो के लिए एक लोकप्रिय पर्यटक स्थल बनी रही।

कैसे बंजर खड्डे में तब्दील हुईं बड़खल झील :-

फरीदाबाद में स्थित बड़खल झील कभी देश भर के लोगों के लिए पर्यटन स्थल हुआ करती थी। लेकिन गैर कानूनी खनन की वजह से पिछले 20 वर्षों से यह सूख कर बंजर हो गई है। सरकार कई बार इस झील को इसका पुराना स्वरूप देकर इसके मरम्मत कार्यों का प्लान बना चुकी है लेकिन अभी तक कार्य पूरा होता हुआ नजर नहीं आया।

लेकिन फिलहाल बताया जा रहा है इस झील को फिर से एक पर्यटन स्थल का रूप देने के लिए सरकार सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने के साथ कई अन्य उपायों पर कार्य कर रही है। लेकिन लगाताार गिरते भूजल स्तर और आसपास के इलाको में समाप्त हो चुके जलदायी स्तर इस कार्य में रुकावट बन सकते है।

कैसे बड़खल झील को पुन: जीवित किया जा सकता है :-

बड़खल झील को वापिस से उसका पुराना रंग रूप देने के लिए बहुत से विशेषज्ञों और अन्य लोगो का कहना है कि बड़खल झील को केवल वनीकरण अर्थात केवल पेड़ पौधे लगाकर ही पुनर्जीवित किया जा सकता है और वापिस से इस अद्भुत झील को इश्क पुराना सौंदर्य वापिस किया जा सकता है। 

क्युकी झील में पानी जंगल के रास्ते से होकर आता है लेकिन फिलहाल स्मार्ट सिटी और अन्य कंस्ट्रक्शन निर्माण के चलते झील के आसपास बड़े पैमाने पर अवैध खनन की गतिविधि बढ़ने से झील में पानी का बहाव कम हुआ है। जिसकी वजह से जल स्तर को बनाए रखने के लिए वनीकरण की जरूरत पड़ेगी और इसी तरह से झील में आने वाले जल के प्रवाह को ठीक से बनाकर रखा जा सकेगा।

किस वजह से फरीदाबाद की झीलों ने खो दिया अपना सौंदर्य :-

फरीदाबाद को स्मार्ट सिटी बनाने की वजह से इलाके में जंगलों को काटने और जगह-जगह बोरबेल से पानी निकालने की वजह से झील की स्थिति बद से बदतर हो गई है। दरअसल बड़खल झील के आसपास के सारे इलाके का भूजल स्तर 150 से 200 फुट नीचे पहूच चुका है जो कि काफी ज्यादा है। इतना ही नहीं बल्कि बड़खल झील से केवल 20 किलोमीटर की दूरी पर मौजूद दमदमा झील की वर्तमान हालत भी बड़खल झील की भांति ही एकदम बंजर हो चुकी है। जिसका सबसे बड़ा कारण जंगलो के कम होने की वजह है और इस वजह से शहर में पक्षियों की आबादी भी बड़े पैमाने पर कम हुई है।

पर्यटन विभाग का नुक़सान :-

बड़खल झील की बत्तर हालत के लिए हाल ही में हरियाणा सरकार के एक अधिकारी द्वारा यह कहा गया था कि जहां करीब दो दशक पहले तक बड़खल झील पानी से लबालब भरी रहती थी और देश विदेश के टूरिस्ट गर्मियों के दिनों में यहां पर छुट्टी मनाने आते थे। वहीं अब टूरिस्ट न आने के कारण यहां के लोगो का रोजगार तो खत्म हुआ ही है बल्कि सरकार द्वारा संचालित बड़खल झील के पास बने 30 कमरों वाले वाले रिसार्ट में बीते साल से कोई खास बुकिंग नहीं हुई है जबकि पहले के दिनों में यह रिजॉर्ट बिल्कुल फुल रहा करता था। बड़खल झील की खराब हालत के कारण यहां पर रोजगार करने वाले लोगो के साथ साथ सरकार को बड़ा नुक़सान हो रहा है जिसे बडखल झील के नवीनीकरण से पूरा किया जा सकता है।

बड़खल झील को लेकर सरकार का प्लान :-

पिछले साल आईआईटी-रूड़की को बड़खल झील की जियो-टेक्निलक रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जिसे अब हरियाणा सरकार को सौंप दिया गया है। वही सरकार सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाना चाहती है जिसकी प्रक्रिया अंतिम चरण में है। हालांकि विशेषज्ञ इस योजना से सहमत नहीं हैं।

तो दोस्तो ये थी फरीदाबाद की बड़खल झील से जुड़ी तमाम जानकारी और कुछ रोचक तथ्य जिनसे बेहद कम लोग अभी तक परिचित थे। यदि आप फरीदाबाद से है और आपने भी फरीदाबाद की निर्जीव बड़खल झील का जायजा लिया है तो उसके बारे में अपने विचार हमें जरूर बताएं साथ ही झील को वापिस से पुनर्जीवित करने के लिए भी अपनी राय अवश्य दे।