अच्छी पहल: पहली बार या गलती से अपराध करने वालों के लिए ‘अपराधी सुधार कार्यक्रम’ चलाएगी फरीदाबाद पुलिस

News24NCR/Faridabad: पुलिस कमिश्नर फरीदाबाद कार्यालय के सभी अधिकारी व शाखा प्रभारियों की एक संगोष्ठी के दौरान उनके नियमित कार्यनिष्पादन की जानकारी लेने उपरांत पुलिस आयुक्त फरीदाबाद ओ॰पी॰ सिंह द्वारा विचार-विर्मष किया गया कि विभिन्न अभियोगों में संलिप्त अपराधियों का विष्लेषण करके देखा जाए कि किन-किन अपराधियों का पूर्व आपराधिक रिकार्ड नहीं है, क्योंकि कुछ लोग किसी के द्वारा अकस्मात उत्तेजना दिलाए जाने के कारण आवेगवश, कुछ लोग आपराधिक प्रवृति के लोगों के संपर्क में आने के कारण, कुछ नशे आदि की लत के कारण तथा कुछ लोग गरीबी और किसी अन्य मजबूरीवश अपराध कर बैठते हैं, जबकि उनका पेशा या प्रवृति अपराध करने की नहीं है, लेकिन ऐसे लोग जेल जाकर आपराधिक प्रवृति या पेशेवर अपराधियों के संपर्क में आकर आपराधिक प्रवृति को अपना लेते हैं।

विचार करके देखा जाए तो पता चलता है कि एक अपराधी समाज के लिए कितना नुकसान दायक है और सरकार तथा प्रशासन को उसे पकड़ने, काबू में रखने व सुधारने के लिए कितना अमला और पैसा लगाना पड़ता है। अगर इसके सुधार की प्रक्रिया को इस दृष्टिकोण से देखा जाए कि व्यक्ति अपने विचारों के अनुसार कार्य करता है। अगर विचार असामाजिक होंगे तो व्यक्ति असमाजिक और विचार सामाजिक होंगे तो व्यक्ति सामाजिक कार्य करेगा। भावार्थ यह हुआ कि विचार परिवर्तन के माध्यम से एक असामाजिक या आपराधिक प्रवृति के व्यक्ति को एक सामाजिक इनसान या उत्तम नागरिक बनाया जाना सरल और स्थाई उपाय है।

इसी उद्देष्य की पूर्ति के लिए फरीदाबाद पुलिस ‘इत्तेफाकन अपराधी सुधार कार्यक्रम‘ के माध्यम से ऐसे लोगों के लिए कार्यशालाओं का आयोजन करने की ओर अग्रसर है, जिसमें सेवा निवृत- न्यायधीश, उच्च पुलिस अधिकारी, अधिवक्ता, उद्योगपति, जेल अधीक्षक, अपराध शास्त्री और धर्म गुरूओं के व्याख्यानों, योग और अध्यात्म के माध्यम से ऐसे अपराधियों को छोटे-छोटे ग्रुपों में बुलाकर उनमें वैचारिक परिवर्तन लाकर उन्हें एक उत्तम नागरिक बनाने के प्रयास किए जाएँगें। अपने-अपने क्षेत्र में विषेशज्ञ इन लोग द्वारा अपराध की दुनिया की दुर्गति और यातनाओं से उनको अवगत करवाकर तथा मानव जीवन का मूल उद्देष्य समझाकर उन्हें एक समाजिक और परोपकारी इनसान बनाने का प्रयास किया जाएगा।