अच्छी खबर: फरीदाबाद में अब नहीं काटे जाएंगे पेड़, हर पेड़ को दूसरी जगह किया जाएगा प्लांट

Ne2s24NCR/Faridabad: स्मार्ट सिटी फरीदाबाद के विकास कार्यों में बाधक बने वृक्षों को अब काटा नहीं जाएगा बल्कि इन्हें दूसरी जगह स्थानांतरित किया जाएगा। फरीदाबाद स्मार्ट सिटी लिमिटेड(एफएससीएल) ने ट्री ट्रांसप्लांट (वृक्षों को स्थानांतरित) करने का काम दिल्ली की एक कंपनी को आवंटित कर दिया है। कंपनी निर्देश पर वृक्षों का स्थानांतरण करती जाएगी। एफएससीएल का दावा है कि कंपनी को प्रत्येक वृक्ष के स्थानांतरण पर अलग-अलग कीमत का भुगतान किया जाएगा। स्मार्ट सिटी परियोजना के विभिन्न विकास कार्यों में बाधक बने वृक्षों को काटा नहीं जाएगा। विकास कार्यों के लिए जिन वृक्षों को हटाना बेदह जरूरी है, उन्हें ही वहां से हटाकर नहर के किनारे लगा दिया जाएगा। या फिर नगर निगम जहां भी जगह तय करेगा, उस स्थान पर वृक्ष को लगा दिया जाएगा। स्मार्ट सिटी परियोजना के विभिन्न विकास कार्यों में करीब सौ वृक्ष बाधक बने हुए हैं।

शहर में कई पेड़ वर्षों पुराने हैं

स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत बनाई जा रही सड़कें, एसटीपी अैा साइकिल ट्रैक में कई पेड़ बाधक बने हुए हैं। इनमें कई पेड़ वर्षों पुराने हैं। पीपल, बरगद, पिलखन, अमरूद, शीशम व नीम के पुराने पेड़ हैं। इन जवान वृक्षों के मद्देनजर फरीदाबाद स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने निर्णय लिया है कि किसी भी पेड़ को काटा नहीं जाएगा। बल्कि पेड़ का उचित स्थान पर स्थानातंरण किया जाएगा। दिल्ली में कई कंपनियां बेहतर ट्री-ट्रांसप्लांट करती हैं, इसलिए एफएससीएल नेबीते दिनों इसकी निविदाएं जारी की थी, अब इस कार्य को एक कंपनी को आवंटित कर दिया है। जब आवश्यकता होगी कंपनी को बुलाकर पेड़ों को स्थानांतरित करवा दिया जाएगा।

वृक्षों को स्थानांतरित की ये है तकनीक

पर्यावरणविद् एवं शिक्षाविद् जगदीश चौधरी बताते हैं कि वृक्षों को काटने के बजाए उनका स्थानांतरण करके उन्हें बचाया जा सकता है। इसमें पहले वृक्षों की छंटाई करके भार को कम कर लिया जाता है। फिर वृक्ष के तने के आधार के पास जमीन में पर्याप्त परिधि व गहराई में मशीन से खुदाई की जाती है। वृक्षों की जड़ों की मिट्टी को संभालते हुए क्रेन की मदद से दूसरे स्थान पर ले जाकर उचित गहराई के गड्ढ़े में इसे लगा दिया जाता है। करीब तीन महीने की वृक्ष को पर्याप्त मात्रा में खाद व पानी मिलना चाहिए।

इन विकास कार्यों को मिलेगी रफ्तार

वृक्षों के स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी होने पर स्मार्ट रोड, विभिन्न सेक्टरों में बनने वाली करीब 19 सड़के, सड़कों के किनारे बनाए जाने वाले नाले, एसटीपी और साइकिल ट्रैक जैसे विकास कार्यों को रफ्तार मिल सकेगी। इन विकास कार्यों में कई बड़े पेड़ बाधक बने हुए थे, अब इन्हें जल्द ही नहर के किनारे स्थानांतरित कर दिया जाएगा। ताकि विकास कार्यों को जल्द पूरा किया जा सके।

बीते 15 वर्षों में दो लाख से अधिक पेड़ काटे गए

स्मार्ट सिटी फरीदाबाद में बीते करीब पंद्रह वर्षों में तेजी से होते निर्माण कार्यों की वजह से हजारों पेड़ काटे गए हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण की परियोजना, मेट्रो रेल परियोजना आदि के लिए ही बदरपुर बॉर्डर से पलवल तक करीब 70 हजार पेड़ काटे जा चुके हैं। इसके अलावा बाईपास मार्ग बनाने के लिए भी सैंकड़ों पेड़-पौधे काटे गए हैं। आईएमटी को बसाने के लिए करीब 50 हजार वृक्षों को काटा जा चुका है। अगर पहले से ही ट्री ट्रांसप्लांट किया गया होता तो संभवत: लाखों पेड़ बच गए होते। अरविंद, सहायक महाप्रबंधक (तकनीक) एफएससीएल ने कहा कि ट्री ट्रांसप्लांट का काम दिल्ली की एक कंपनी को आवंटित कर दिया गया है। अब विकास कार्यो में तेजी आएगी। इससे पेड़ों को काटा नहीं जाएगा, बल्कि दूसरी जगह पर लगा दिया जाएगा।